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पावर ट्रांसफार्मर फटने से भड़की आग 6 दमकल गाड़ियों ने बुझाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 7 जनवरी। मोपका के खुटीपारा क्षेत्र स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) के 220 केवी विद्युत सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच अचानक भीषण आग लग गई। 40 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर की बुसिंग फटने से पावर ऑयल का रिसाव शुरू हुआ और चिंगारी के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही देर में तेज धमाकों की आवाजें आने लगीं, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
आग और ब्लास्ट की आवाज सुनकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। किसी बड़े हादसे की आशंका के चलते मौके पर भीड़ भी जमा हो गई। आग इतनी तीव्र थी कि ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। सुरक्षा कारणों से सब स्टेशन के 50 मीटर दायरे में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया।
घटना के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों के 13–14 सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे करीब 50 हजार से अधिक घरों में अंधेरा छा गया। शहर के मोपका, लिंगियाडीह, बसंत विहार, साइंस कॉलेज, गीतांजलि सिटी, एसईसीएल और राजकिशोर नगर सहित कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रही। आपूर्ति बहाल करने में लगभग आठ घंटे का समय लगा।
आग पर काबू पाने के लिए बिलासपुर और जांजगीर से कुल छह दमकलों को लगाया गया। ट्रांसफार्मर ऑयल की अधिक मात्रा के कारण आग बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पानी के साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया। सभी दमकलों ने एक साथ पानी और फोम डाला, तब जाकर करीब छह घंटे बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
इस हादसे में कंपनी को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने और तकनीकी जांच के बाद किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मर का कंडक्टर टूटने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे ऑयल उछला और बुशिंग फट गई। फिलहाल इसे तकनीकी खराबी माना जा रहा है और जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
शहर में आरएडीआरपी योजना के तहत बनाए गए इंटीग्रेटेड सिस्टम के बावजूद हजारों उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट झेलना पड़ा। वैकल्पिक लाइनों से सप्लाई जोड़ने के प्रयास किए गए, लेकिन व्यापक असर को तुरंत कम नहीं किया जा सका।
आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सब स्टेशन परिसर में खड़ी सीमेंट मिक्सर मशीन के टायर, जो करीब 50 मीटर दूर थी, जलकर खाक हो गए। समय रहते काबू पाने से मशीन पूरी तरह जलने से बच गई।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस. के. दुबे के मुताबिक, आग पर नियंत्रण के बाद शेष दो पावर ट्रांसफार्मरों से सप्लाई सामान्य की गई है। ग्रामीण इलाकों की आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ा है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के कारण स्पष्ट होंगे।


