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ठाणे, 4 जनवरी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की 60 वर्षीय महिला को रेलवे की नौकरी और ‘ग्रेच्युटी’ की राशि को लेकर हुए विवाद में अपनी बहू की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
‘ग्रेच्युटी’ की राशि नियोक्ता अपने कर्मचारी को उसकी लंबी और निरंतर सेवा के लिए एकमुश्त भुगतान के रूप में देता है। यह राशि आमतौर पर कंपनी छोड़ने या सेवानिवृत्ति के समय मिलती है।
एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि आरोपी महिला अपने बेटे की मृत्यु के बाद मिली ‘ग्रेच्युटी’ की रकम अपने पास रखना चाहती थी और साथ ही वह चाहती थी कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी उसके पोते को मिले, न कि बहू को।
पुलिस को एक जनवरी को कल्याण क्षेत्र में वलधुनी पुल के पास एक महिला के पड़े होने की सूचना मिली जिसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुरू में महात्मा फुले चौक थाने में दुर्घटनावश मृत्यु (एडीआर) की रिपोर्ट दर्ज की गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
मामले में तब नया मोड़ आया जब लताबाई नाथा गांगुर्डे नामक महिला थाने पहुंची और दावा किया कि उसकी बहू रूपाली विलास गांगुर्डे (35) सुबह आठ बजे से लापता है। बाद में उसने पहचान की कि वलधुनी पुल के पास मिली महिला रूपाली ही थी।
हालांकि, जब निरीक्षक विजय नाइक के नेतृत्व में अपराध शाखा की टीम ने उससे पूछताछ की तो लापता होने की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए।
रूपाली के पति विलास रेलवे कर्मचारी थे। विलास का सितंबर 2025 में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद रूपाली को नौ से 10 लाख रुपये की ‘ग्रेच्युटी’ की राशि मिली थी, जिसे लताबाई कथित तौर पर अपने लिए मांग रही थी।
अधिकारी ने बताया कि विलास की रेलवे की नौकरी को लेकर भी लताबाई और रूपाली के बीच विवाद था क्योंकि लताबाई चाहती थीं कि उनके 15 वर्षीय पोते को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिले, जबकि रूपाली ने स्वयं उस पद के लिए आवेदन किया था।
इसके बाद लताबाई ने अपने मित्र जगदीश महादेव म्हात्रे (67) के साथ मिलकर रूपाली की हत्या की साजिश रची। अधिकारी ने बताया कि 31 दिसंबर की रात दोनों ने कथित तौर पर रूपाली पर रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कल्याण मंडल के सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणजी गेटे ने बताया कि आरोपियों ने खून के धब्बे साफ किए, रूपाली के खून से सने कपड़े बदले और उसे पुल के पास फेंक दिया।
अधिकारी ने बताया कि लताबाई और म्हात्रे को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। (भाषा)


