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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को एक बड़ा फ़ैसला करते हुए बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफ़िज़ुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम से बाहर करने का निर्देश दिया था.
इसके बाद केकेआर ने एक बयान में बताया कि बीसीसीआई के निर्देश पर मुस्तफ़िज़ुर रहमान को टीम से रिलीज़ कर दिया गया है.
भारत में हुए इस घटनाक्रम पर बांग्लादेश की ओर से अब कड़ी प्रतिक्रिया आई है. बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल ने सूचना और प्रसारण सलाहकार से यह अनुरोध किया है कि उनके देश में आईपीएल मैचों का प्रसारण रोका जाए.
इसके अलावा आसिफ़ नज़रुल ने अगले महीने यानी फ़रवरी में होने वाले टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप और उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी बयान दिया है.
वहीं, भारत में भी बीसीसीआई के फ़ैसले के बाद उस पर सवाल उठ रहे हैं.
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि खेल को राजनीतिक तनाव से अलग रखा जाना चाहिए.
वहीं इतिहासकार रामचंद्र गुहा का मानना है कि ये नासमझी भरा फैसला है और इसकी वजह से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच नज़दीकियां और ज्यादा बढ़ेंगी.
हालांकि बीजेपी नेता संगीत सोम ने बीसीसीआई के इस फ़ैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि यह फ़ैसला देश के सभी हिंदुओं की जीत है.
इससे पहले भारत में दक्षिणपंथी संगठन और कुछ बीजेपी नेताओं ने मुस्तफ़िज़ुर रहमान को केकेआर टीम में शामिल करने को लेकर शाहरुख़ ख़ान पर नाराज़गी जताई थी.
शनिवार को बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह फ़ैसला हाल के घटनाक्रम को देखते हुए लिया गया है.
उन्होंने कहा कि बोर्ड केकेआर को मुस्तफ़िज़ुर रहमान के बदले किसी दूसरे खिलाड़ी को रखने की इजाज़त देगा.
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल ने बीसीसीआई के फ़ैसले का कड़ा विरोध किया है. आसिफ़ नज़रुल उन लोगों में से भी हैं, जो हाल ही में बांग्लादेश गए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिले थे.
उन्होंने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट कर कहा, "भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उग्र सांप्रदायिक समूहों की नीति को स्वीकार करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफ़िज़ुर रहमान को टीम से हटाने का निर्देश दिया है. मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और इसका विरोध करता हूं."
आसिफ़ नज़रुल ने कहा, "खेल मंत्रालय का ज़िम्मेदार सलाहकार होने के नाते मैंने क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से कहा कि वह इस पूरे मामले की जानकारी आईसीसी को दे. बोर्ड ने कहा कि जब किसी बांग्लादेशी क्रिकेटर को कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद भारत में खेलने की इजाज़त नहीं मिल सकती, तो पूरी बांग्लादेश क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप में जाने को लेकर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती."
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार का कहना है कि उन्होंने 'बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को यह निर्देश दिया है कि वह आईसीसी से बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैच श्रीलंका में कराने का अनुरोध करे.'
दरअसल, इस साल फ़रवरी में होने वाले टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेज़बानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं.
आसिफ़ नज़रुल ने आईपीएल मैचों के प्रसारण को लेकर कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा, "मैं सूचना और प्रसारण सलाहकार से अनुरोध करता हूं कि बांग्लादेश में आईपीएल मैचों का प्रसारण रोका जाए."
उन्होंने कहा, "हम किसी भी हाल में बांग्लादेश के क्रिकेट, बांग्लादेशी क्रिकेटरों और बांग्लादेश का अपमान स्वीकार नहीं करेंगे. ग़ुलामी के दिन अब खत्म हो चुके हैं."
'नासमझी भरा कदम'
रामचंद्र गुहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह बेहद नासमझी भरा कदम है. बांग्लादेश के साथ अच्छे संबंध रखना भारत के राष्ट्रीय हित में है और दोनों देशों के क्रिकेट से जुड़े संबंध इसमें महत्वपूर्ण हो सकते हैं. लेकिन ये फैसला ढाका को इस्लामाबाद के और करीब ला सकता है."
वहीं वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने बीसीसीआई के इस फैसले पर सवाल करते हुए कहा है कि जब विदेश मंत्री जयशंकर ढाका जाकर बांग्लादेश और पाकिस्तान के नेताओं से हाथ मिला सकते हैं तो एक खिलाड़ी भारत क्यों नहीं आ सकता है?
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, "क्या बीसीसीआई इस साल के अंत में भारतीय टीम का बांग्लादेश दौरा भी रद्द करेगा? फैसले लेने में निरंतरता क्यों नहीं है? अगर विदेश मंत्री जयशंकर ढाका जाकर बांग्लादेश और पाकिस्तान के नेताओं से हाथ मिला सकते हैं, तो एक खिलाड़ी भारत क्यों नहीं जा सकता?"
बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन इंटरनेशनल लीग टी20 में एमआई एमिरेट्स की ओर से खेलते हैं.
शुक्रवार को शाकिब अल हसन ने एमआई एमिरेट्स की ओर से खेलते हुए 24 गेंद में 38 रन की पारी खेली. उनकी पारी की बदौलत एमआई एमिरेट्स ने दूसरे क्वालिफायर में अबू धाबी नाइट राइडर्स को सात विकेट से हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई.
शाकिब अल हसन को अपनी इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.
इसी बात का जिक्र करते हुए वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा कि इस मामले में मुस्तफ़िज़ुर रहमान, शाहरुख खान और केकेआर को निशाना बनाया गया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक क्रिकेट पत्रकार ने मुझे याद दिलाया कि शाकिब अल हसन यूएई में खेली जा रही इंटरनेशनल लीग टी20 में एमआई एमिरेट्स के स्टार खिलाड़ी हैं. बांग्लादेश प्रीमियर लीग कराने वाली क्रू में अधिकतर भारतीय हैं और उनका ढाका में जोरदार स्वागत किया गया. मुस्तफिजुर, शाहरुख खान और केकेआर आसान निशाना हैं."
वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2025 का अंत ढाका दौरे से किया था. 31 दिसंबर को जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया को श्रद्धांजलि देने के लिए ढाका गए थे.
द हिन्दू की डिप्लोमैटिक अफेयर्स एडिटर सुहासिनी हैदर ने भी कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर बांग्लादेश जा सकते हैं, लेकिन एक क्रिकेटर भारत में नहीं खेल सकता है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "सरकार सोशल मीडिया कैंपेन्स को एक के बाद एक पड़ोसी देशों के साथ अपनी कूटनीति पर हावी होने दे रही है और अपनी सॉफ्ट पावर को खत्म कर रही है."
"विदेश मंत्री जयशंकर ढाका जा सकते हैं, प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश के नेता से मिल सकते हैं, लेकिन एक क्रिकेटर भारत में नहीं खेल सकता है."
कांग्रेस ने बीसीसीआई को घेरा
हाल ही में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश के मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास की हत्या का ज़िक्र करते हुए इसकी निंदा की थी.
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की थी.
वहीं बांग्लादेश ने भारत में अलग-अलग पक्षों से अल्पसंख्यक मुद्दों पर गुमराह करने वाली बातें फैलाने से बचने की अपील की थी.
इसके साथ ही बांग्लादेश ने कहा था कि हाल ही में भारत में अल्पसंख्यकों के साथ हुई कुछ घटनाएं 'चिंताजनक' हैं और उसे उम्मीद है कि भारत इनकी 'निष्पक्ष जांच' कराएगा.
वहीं बीजेपी नेता और यूपी में सरधना के पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम ने मुस्तफ़िज़ुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम में शामिल करने के लिए शाहरुख ख़ान को 'गद्दार' कहा था.
देवकीनंदन ठाकुर ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं के ख़िलाफ़ कथित हिंसा का हवाला देते हुए केकेआर के फ़ैसले पर सवाल उठाया था.
लेकिन शशि थरूर ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों का बोझ क्रिकेट पर नहीं डाला जाना चाहिए. मुस्तफिजुर रहमान का हिंसा में कोई हाथ नहीं था.
उन्होंने कहा, "मुस्तफिजुर रहमान एक क्रिकेटर हैं और उनका इन सब बातों से कोई लेना-देना नहीं है. उन पर व्यक्तिगत रूप से किसी भी प्रकार के नफ़रती भाषण देने या किसी भी हमले का समर्थन या बचाव करने का आरोप नहीं है. इन दोनों चीजों को आपस में जोड़ना गलत है."
कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी बीसीसीआई के फैसले पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा, "एक फ्रेंचाइजी और उसके मालिक को सवाल करने का क्या मतलब है. ये नियम बीसीसीआई ने बनाया है. कोई बीसीसीआई, आईसीसी और गृह मंत्रालय पर सवाल क्यों नहीं कर रहा है."
"अगर सच में बीसीसीआई को लोगों की भावना की परवाह है तो फिर आईपीएल ऑक्शन भारत से बाहर क्यों होती है. कोविड के दौरान आईपीएल अबू धाबी में क्यों खेला गया. क्या आपने इंग्लिश प्रीमियर लीग या एनएफएल को देश के बाहर ऑक्शन करवाते हुए देखा है?"
बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बीसीसीआई के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हम बीसीसीआई के फैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने लोगों और देश की भावना को समझा है."
"जिस बांग्लादेश में निहत्थे हिंदुओं की हत्या हो रही है, जिस पर देश के प्रधानमंत्री मोदी ने भी चिंता जाहिर की है, उस बांग्लादेश के खिलाड़ी को हटाना संतोष की बात है."
मुस्तफ़िज़ुर रहमान के बाहर होने के बाद इस साल आईपीएल में बांग्लादेश का कोई भी खिलाड़ी नज़र नहीं आएगा.
हालांकि मुस्तफ़िज़ुर रहमान पहले आईपीएल में खेलते रहे हैं.
आईपीएल 2026 के लिए मुस्तफ़िज़ुर रहमान को केकेआर ने बीते महीने अबू धाबी में हुई ऑक्शन में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने रहमान को पूरे आईपीएल में खेलने के लिए एनओसी दी थी.
बीते साल भी रहमान ने आईपीएल में हिस्सा लिया था. सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से आईपीएल में 60 मैच खेलते हुए उन्होंने 65 विकेट लिए हैं. (bbc.com/hindi)


