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रायपुर, 3 जनवरी। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में प्रदेश के किसानों को अनेक परेशानियां हो रही हैं और इस पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग) तारेंद्र चंद्राकर ने बताया कि अभी सरकार ने धान खरीदी की समय सीमा 31 जनवरी 2025 रखी है चूंकि अनेक समस्या के कारण धान इस बार खरीदी लेट से हुई है इसलिए धान खरीदी 10 फरवरी की जानी चाहिए ताकि किसान अपनी पूरी फसल बेंच सकें।
प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि बैंक में भुगतान की राशि जिला सहकारी बैंकों को छोड़ अन्य बैंकों जिसमे किसान चाहे आना चाहिए सहकारी बैंक की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए। वर्तमान में बैंकों में किसानों को 25000 करके जो राशि दी जा रही है वो किसान की आवश्यकता के अनुसार मिले अगर पूरा चाहे तो पूरा मिले ये किस्त वाला सिस्टम बंद हो।
प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी साजिश है ताकि किसानों से कम धान ख़रीदा जा सके। सोसायटियों में लंबे समय तक धान पड़े रहेगा तो धान के सूखत का नुकसान भी सोसायटियो को ही उठाना पड़ेगा। इसमें सोसायटियो को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्षो का भी सूखत का पैसा सरकार ने सोसायटियो को जारी नहीं किया है। अनेको सोसायटियो में अभी तक सरकार ने डेली लिमिट नहीं बढ़ाया है। जिसके कारण किसानों पूरी खरीदी नहीं हो पा रही है। सरगुजा क्षेत्र के अमेरा खदान परियोजना में परसोढ़ी कला गांव के तीन फसलीय कृषि भूमि छीनी जा रही है, जिससे वहा के किसानों के पेट पर भी लात पड़ गई है और पारंपरिक तरह से खेती करने वाला वहा के किसान की बात को सुनकर संवाद करना चाहिए, उनकी मांगों को मानना चाहिए। राज्य सरकार सभी धान खरीदी केंद्रों में साफ पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था करे और ज्यादा से ज्यादा किसानों को एटीएम दिया जाए व वो एटीएम कार्ड सभी बैंकों में चले कम से कम 1 दिन 40 हजार रूपये किसान निकाल सके।पार्टी ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को चेताया कि किसानों की इन सभी मांगों को यदि सरकार जल्द ही पूरी नहीं करती है तो फरवरी 2025 को पार्टी किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगी।


