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राज्यसभा की दो सीटों पर बजट सत्र के बीच चुनाव
02-Jan-2026 5:06 PM
राज्यसभा की दो सीटों पर बजट सत्र के बीच चुनाव

कांग्रेस और भाजपा मेें  स्थानीय-बाहरी को लेकर चर्चा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 जनवरी। प्रदेश की राज्यसभा की अप्रैल में होने वाली दो रिक्त सीटों के चुनाव के लिए कांग्रेस, और भाजपा में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इन दोनों सीटों के लिए  विधानसभा के बजट सत्र के बीच अधिसूचना जारी होगी।

कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य सुप्रीम कोर्ट के वकील केटीएस तुलसी, और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। दोनों ही सदस्य कांग्रेस के हैं। विधानसभा की संख्या बल के हिसाब से दोनों ही दल कांग्रेस और भाजपा को एक-एक सीट मिलना है।

बताया गया कि दोनों ही सीटों के चुनाव के लिए विधानसभा के बजट सत्र के बीच मार्च के पहले पखवाड़े में अधिसूचना जारी होगी। चुनाव में अभी तीन माह बाकी है, लेकिन इसको लेकर अभी से सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कांग्रेस में फूलोदेवी नेताम को छोडक़र बाकी तीनों सदस्य तुलसी, राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन छत्तीसगढ़ से बाहर के हैं। ऐसे में इस बार भी किसी बाहर के नेता को यहां से राज्यसभा में भेजा जाएगा या नहीं, इसको लेकर पार्टी के अंदरखाने में चर्चा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता इस बात के लिए हाईकमान पर दबाव बना सकते हैं कि स्थानीय नेता को ही राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए। ऐसे में फूलोदेवी नेताम को फिर से राज्यसभा में भेजे जाने की सिफारिश हो सकती है। राज्यसभा में जाने के लिए कई प्रमुख नेता प्रयास कर सकते हैं। इनमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित नामों की चर्चा है।

 

राज्य बनने के बाद कांग्रेस से अब तक 9 नेता राज्यसभा में भेजे गए हैं। इनमें रामाधार कश्यप, मोतीलाल वोरा,  मोहसिना किदवई, कमला मनहर, छाया वर्मा, केटीएस तुलसी, फूलोदेवी नेताम, राजीव शुक्ला, और रंजीत रंजन हैं। इनमें से मोतीलाल वोरा तीन बार गए हैं। मोहसिना, तुलसी, राजीव शुक्ला, और रंजीत रंजन दूसरे राज्य के हैं। जबकि भाजपा ने बाहरी नेताओं को मौका नहीं दिया।

स्थानीय नेता ही राज्यसभा में गए हैं। अब तक छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में भेजे गए हैं उनमें दिलीप सिंह जूदेव, शिवप्रताप सिंह, श्री गोपाल व्यास, नंदकुमार साय, डॉ.भूषणलाल जांगड़े, रणविजय सिंह जूदेव, रामविचार नेताम, सरोज पांडेय, और देवेन्द्र प्रताप सिंह हैं। पार्टी के अंदरखाने में चर्चा है कि इस बार भी स्थानीय को ही मौका मिलेगा। इन सबके बीच पूर्व राज्यसभा सदस्य सरोज पाण्डेय का नाम चर्चा में है। भाजपा नए नाम देकर चौंकाती रही है। इस बार भी ऐसा कुछ हो सकता है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में चुनाव को लेकर हलचल तेज होगी।


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