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सड़क सुरक्षा माह के उद्घाटन में आईजी ने कहा- यह सफलता नागरिकों के साझा प्रयास का नतीजा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 2 जनवरी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 की शुरुआत बिलासपुर में जनसहभागिता और प्रशासनिक संकल्प के साथ हुई। चेतना हॉल में आयोजित समारोह में यह जानकारी सामने आई कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर में सबसे अधिक कमी बिलासपुर जिले में दर्ज की गई है।
कार्यक्रम की शुरुआत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले की यातायात व्यवस्था पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि खतरनाक सड़क खंडों और ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर सुधारात्मक इंजीनियरिंग कार्य, सख्त प्रवर्तन, व्यापक जागरूकता और आपात सेवाओं की मजबूती के चलते सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में मृत्यु के मामलों में 61 और 17 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर पुलिस और आम नागरिकों के साझा प्रयासों से जिले में यह सकारात्मक बदलाव संभव हुआ है। उन्होंने शहर को सेक्टरों में विभाजित कर यातायात प्रबंधन में नागरिक सहभागिता को और मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि व्यवस्था स्थायी रूप से सुचारू बनी रहे।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता में योगदान के लिए जीवधर्णी फाउंडेशन के प्रतिनिधि विकास वर्मा, यातायात विषयक लघु फिल्म निर्माण के लिए आर्यन फिल्म के निर्देशक रामानन्द तिवारी, तथा फिल्मों में अभिनय करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
समापन पर यातायात प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने उपस्थित नागरिकों का आभार जताते हुए माहभर चलने वाले अभियानों में सहयोग बनाए रखने की अपील की और विशाल हेलमेट जागरूकता बाइक रैली में अधिकाधिक सहभागिता का आग्रह किया।
इस अवसर पर यातायात उपकरणों की प्रदर्शनी, जागरूकता पोस्टर और फैक्स प्रदर्शित किए गए, जिन्हें आमजन ने सराहा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, पूर्व सैन्य अधिकारियों, विभिन्न संगठनों, विद्यालयों-महाविद्यालयों के शिक्षक-विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



