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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि, "जब मोहन भागवत एकता, स्थिरता और सामूहिक शक्ति की बात करते हैं, तो मैं उनसे सहमत हूं. हम सभी को एकजुट होना चाहिए. लेकिन परेशानी यह है कि उनके अपने ही मुख्यमंत्री इसका पालन नहीं करते हैं, क्योंकि आरएसएस ही बीजेपी है और बीजेपी ही आरएसएस है."
उन्होंने कहा कि, "रोज़ाना सीएम योगी आदित्यनाथ मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत उगलते हैं. बिहार से बीजेपी के सांसद गिरिराज सिंह मुसलमानों को गाली देते हैं. हिमंता बिस्वा शर्मा मुसलमानों को गाली देते हैं. और विश्व हिंदू परिषद के ज़्यादातर कार्यकर्ता ईसाइयों पर हमला करते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि, "वीएचपी आरएसएस का हिस्सा है. इसलिए सबसे पहले उन्हें अपने लोगों को यह बताना चाहिए. इन लोगों से पूछें कि ये मोहन भागवत की बात क्यों नहीं सुन रहे. अगर यह सच है, तो मोहन भागवत की सुनें और वह इन्हें कंट्रोल करें."
कल यानी बुधवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने लोगों से एकजुट रहने की बात कही थी.
इस दौरान उन्होंने देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा की हत्या का भी ज़िक्र किया था.
उन्होंने लोगों से दूसरों के साथ धर्म, पैसा, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न करने की अपील की थी.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा था कि भारत सभी का है और सच्ची एकता भेदभाव को ख़त्म करने से शुरू होती है. (bbc.com/hindi)


