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छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 31 दिसंबर। शिक्षक भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला अभ्यर्थी के पक्ष में दिए गए अपने पूर्व आदेश के पालन को लेकर दायर अवमानना याचिका को निराकृत कर दिया। अदालत ने माना कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, इसलिए अब अवमानना का प्रश्न नहीं उठता।
यह प्रकरण वर्ष 2019 में बस्तर जिले के जगदलपुर में जारी शिक्षक भर्ती विज्ञापन से संबंधित है। जगदलपुर निवासी जगजीत कौर भाटिया ने इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन किया था। उनके पास हिंदी विषय में स्नातक (बीए) की डिग्री थी, साथ ही अंग्रेजी साहित्य में भी उन्होंने स्नातक डिग्री प्राप्त की थी।
चयन प्रक्रिया के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने जगजीत कौर का आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि उन्होंने बीएड की परीक्षा पास करने के बाद स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, इसलिए वे पात्र नहीं हैं। इसी आधार पर उन्हें चयन सूची से बाहर कर दिया गया।
जगजीत कौर भाटिया ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि उन्होंने बीएड से पहले ही स्नातक की डिग्री पूरी कर ली थी। बाद में उन्होंने केवल अपने अंग्रेजी साहित्य के अंकों में सुधार के लिए दूसरी स्नातक डिग्री हासिल की थी।
उनका तर्क था कि शिक्षा विभाग ने इस तथ्य की अनदेखी कर गलत आधार पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया।
हाईकोर्ट ने पहले ही महिला अभ्यर्थी के पक्ष में आदेश देते हुए नियुक्ति का निर्देश दिया था। बाद में आदेश के पालन को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सरकार द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इस पर कोर्ट ने अवमानना याचिका को समाप्त कर दिया।


