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देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या के ख़िलाफ़ दिल्ली में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया.
9 दिसंबर को छात्र एंजल चकमा पर हमला हुआ था. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
मार्च में शामिल एक महिला ने कहा कि, “हम भारत के अटूट अंग हैं. आप ये झुठला नहीं सकते, आपको ये बात मानना पड़ेगा, और हम भारतीय हैं इसकेे लिए हमें और कौन सा साइन बोर्ड लेकर चलना पड़ेगा. हम सभी भारत में रहने वाले लोगों से ये पूछना चाहते हैं कि खुद को भारतीय साबित करने के लिए कौन सा साइन बोर्ड लेकर चले”
9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र के बाज़ार में एक निजी यूनिवर्सिटी से एमबीए फ़ाइनल कर रहे छात्र एंजल चकमा पर हाथ के कड़े और चाकू से हमला किया गया.
त्रिपुरा के एंजल इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए और 16 दिनों तक अस्पताल में ज़िंदगी से जंग लड़ने के बाद उनकी मौत हो गई. इस हादसे के वक़्त उनके छोटे भाई माइकल भी मौजूद थे.
देहरादून पुलिस के मुताबिक़ इस मामले में अब तक दो नाबालिग़ सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है और छठा अभियुक्त अभी फ़रार है.
देहरादून में हुई इस घटना ने एक बार फिर से पूर्वोत्तर भारत के स्टूडेंट्स के साथ उत्तर भारत में भेदभाव की घटनाओं को चर्चा में ला दिया है. (bbc.com/hindi)


