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रेल हादसे में अनाथ हुए डेढ़ साल का ऋषि को डीसीएस ने गोद लेने की पेशकश की
10-Nov-2025 3:36 PM
रेल हादसे में अनाथ हुए डेढ़ साल का ऋषि को डीसीएस ने गोद लेने की पेशकश की

बिलासपुर, 10 नवंबर। बिलासपुर ट्रेन हादसे ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया, लेकिन सबसे झकझोरने वाला मामला डेढ़ साल के मासूम ऋषि यादव का है। हादसे में मां, पिता और नानी की मौत के बाद यह नन्हा बच्चा अब अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उसकी मासूमियत और बेबसी देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही है। गंरेल दुर्घटना में ऋषि के माता-पिता और नानी की मौके पर ही मौत हो गई। अब उसके परिवार में सिर्फ वृद्ध दादी और अविवाहित बुआ बची हैं। दादी की उम्र और बुआ की परिस्थितियों को देखते हुए बच्चे के भविष्य को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। बिलासपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) अनुराग कुमार सिंह भी कल अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अपोलो अस्पताल पहुंचे, जहां मासूम ऋषि का इलाज चल रहा है। बच्चे को देखने के बाद उन्होंने डॉक्टरों और परिजनों से उसकी सेहत की जानकारी ली और कहा कि यदि नियम और प्रक्रिया अनुमति दें, तो मैं इस बच्चे को गोद लेकर उसका पालन-पोषण करना चाहता हूं। ऋषि का इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन मानसिक और शारीरिक आघात से उबरने में समय लगेगा। मासूम ऋषि की कहानी पूरे बिलासपुर में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग उसके शीघ्र स्वस्थ होने और सुरक्षित भविष्य की कामना कर रहे हैं।

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