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हिमांशु मांडले हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का आदेश, पांचों आरोपी बरी
08-Nov-2025 11:48 AM
हिमांशु मांडले हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का आदेश, पांचों आरोपी बरी

पुलिस विवेचना पर उठे सवाल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 8 नवंबर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के चर्चित हिमांशु मांडले हत्याकांड में उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद के फैसले को पलटते हुए, आजीवन कारावास की सजा पाए सभी पांचों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने इन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।

व्यायाम शिक्षक हिमांशु मांडले का शव 21 दिसंबर 2020 को बालोद के तांदुला जलाशय किनारे मिला था। शव पर सिर पर पत्थर से प्रहार के निशान थे। पुलिस ने उस समय दावा किया था कि उसने घटना के 48 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर लिया।
पुलिस की विवेचना के अनुसार, मृतक की पत्नी और डांस टीचर लोकेंद्र पटेल के बीच अवैध संबंध थे। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने हिमांशु की हत्या की साजिश रची और लोकेंद्र ने रायपुर से अपने साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिलाया। बताया गया था कि हत्या के बदले सहयोगियों को 1000 रुपये अग्रिम दिए गए थे।

मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद ने सभी पांचों आरोपियों माधुरी मांडले, लोकेंद्र पटेल और रायपुर से आए उनके सहयोगियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।
इसके खिलाफ सभी दोषियों ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।

6 नवंबर 2025 को सुनाए गए फैसले में उच्च न्यायालय ने पाया कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और बयान पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, इसलिए सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।

आरोपी गोविंद सोनी उर्फ कालू और कृष्णकांत शर्मा की ओर से पैरवी करने वाली वरिष्ठ अधिवक्ता डॉली अभिषेक सोनी ने कहा कि मेरे पक्षकारों को पुलिस ने जल्दबाजी में फंसाया था। जांच अधूरी और एकतरफा थी।  उन्होंने यह भी कहा कि अब यह मामला पुलिस की प्रारंभिक विवेचना की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 


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