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साक्ष्य मिटाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग भी निरुद्ध
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 7 नवंबर। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम डिंडोल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए विद्युत करंट प्रवाहित जाल की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मौत के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए शव को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 29 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 के बीच ग्राम डिंडोल स्थित दोषी मुंडा तालाब के पास जंगल में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ ग्रामीणों ने 11 केवी बिजली पोल से नंगी जीआई तार खींचकर अवैध रूप से करंट बिछाया था, ताकि जंगली जानवरों का शिकार किया जा सके।
इसी दौरान अयोध्या सिंह खुसरो (35 वर्ष), निवासी छिरहापारा धुमा (थाना तखतपुर) वहां से गुजरते समय करंट की चपेट में आ गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अपराध छिपाने के लिए आरोपियों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटा पुलिस ने जांच शुरू की।
प्रार्थी आजू राम कुशराम की रिपोर्ट पर मर्ग धारा 194 बीएनएसएस के तहत प्रारंभिक जांच की गई, जिसके बाद गवाहों के बयान और घटनास्थल निरीक्षण से पूरा मामला उजागर हुआ।
पुलिस ने जांच के बाद धारा 105, 238, 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज किया और जान सिंह बैगा (48 वर्ष) व अनिल बैगा (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया, साथ ही दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। सभी आरोपी ग्राम नर्मदा डिंडोल, थाना कोटा के निवासी हैं। वे घटना के बाद जंगल में छिपे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।


