ताजा खबर

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए संकेत, जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की फ़िलहाल योजना नहीं
09-Jun-2022 9:55 AM
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए संकेत, जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की फ़िलहाल योजना नहीं

अंग्रेज़ी अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि सरकार जनसंख्या नियंत्रित करने की कोई योजना नहीं बना रही है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया जबरन जनसंख्या नियंत्रित करने के विचार के ख़िलाफ़ हैं. उनका कहना है कि ऐसे समय में जब जागरूकता अभियानों का असर दिखने लगा है, वैसे में जनसंख्या नियंत्रित करना सही नहीं है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, "हम जनसंख्या नियंत्रण को लेकर किसी प्रस्ताव या कानून लाने पर काम नहीं कर रहे हैं."

भारत की टोटल फर्टिलिटी रेट (टीएफ़आर) साल 2015-16 में 2.2 थी लेकिन ये 2019-21 में घटकर 2.0 रह गई. एनएफ़एचएस-5 डेटा से भी ये पता लगता है कि सभी धर्मों की महिलाएं अब औसतन पहले की तुलना में कम बच्चों को जन्म देती हैं.

हाल ही में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा था कि देश में जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण क़ानून लाया जाएगा. पटेल के बयान के बाद से ही ये चर्चा तेज़ हो गई थी कि सरकार इसी साल केंद्रीय मंत्री मांडविया की ओर से संसद में दिए गए उस रुख से पीछे हट रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जनसंख्या वृद्ध दर घटने की वजह से अब इसे नियंत्रित करने के लिए कानून की ज़रूरत नहीं है.

हालाँकि, प्रहलाद पटेल के बयान को बल तब मिला जब बीजेपी चीफ़ जेपी नड्डा ने भी हाल ही में ये कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर चर्चा जारी है और कानून बनने की प्रक्रिया समय लेती है.

नड्डा के बयान पर सवाल किए जाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने टिप्पणी करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्हें नहीं मालूम नड्डा ने किस संदर्भ में ऐसा कहा.(bbc.com)


अन्य पोस्ट