अंतरराष्ट्रीय
-डैनिएल बुश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैबिनेट बैठक की. इस बैठक के दैरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को युद्ध ख़त्म करने के लिए समझौता करना चाहिए.
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे नहीं आता है, तो अमेरिका “उन्हें लगातार निशाना बनाता रहेगा.”
ट्रंप के इन बयानों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान समझौता करना चाहता है. वो पहले भी ऐसे दावे कर चुके हैं. हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका देश अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है.
बुधवार को ईरान ने अमेरिका के उस शांति प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने और बैलिस्टिक मिसाइलों को सीमित करने की मांग की गई थी.
कैबिनेट बैठक में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव रखा था. हालांकि उन्होंने इसके विवरण नहीं बताए.
राष्ट्रपति ट्रंप ने न तो ईरान द्वारा इस प्रस्ताव को ख़ारिज करने का ज़िक्र किया और न ही मध्य-पूर्व में ज़मीनी सेना भेजने के अपने फ़ैसले पर कुछ कहा.
उन्होंने सिर्फ़ इतना कहा कि अब फै़सला ईरान के हाथ में है और अगर वह युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसे गंभीर नतीज़े भुगतने होंगे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अगर वो ऐसा नहीं करते, तो हम उनके लिए सबसे बड़ा डरावना सपना बन जाएंगे. हम बिना किसी रोक-टोक के उन्हें लगातार निशाना बनाते रहेंगे.”
हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज़ पर लाने की योजना कैसे बना रहा है, या फिर लगातार हमले ईरान के रुख़ को कैसे बदल पाएंगे, क्योंकि चार हफ्तों की लड़ाई भी ऐसा नहीं कर सकी है. (bbc.com/hindi)


