दुर्ग

रेलवे परियोजना के प्रभावित किसान कलेक्टर से मिले
03-Mar-2026 5:29 PM
रेलवे परियोजना के प्रभावित किसान कलेक्टर से मिले

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 3 मार्च। खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण और गाइडलाइन दरों में विसंगतियों को लेकर प्रभावित किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर अभिजीत सिंह से मिला और विस्तृत चर्चा की।

जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि प्रभावित ग्रामों में गाइडलाइन दरों में भारी अंतर और 50 प्रतिशत तक कटौती से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि 2013 की धाराओं 26 से 30 का पूर्ण पालन करते हुए नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक के उच्चतम विक्रय विलेखों के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम गुणांक 4 लागू किया जाए। साथ ही दो फसली एवं सिंचित भूमि का पृथक मूल्यांकन, मकान, कुआं, बोरवेल, पेड़ सहित सभी परिसंपत्तियों का बाजार दर पर मुआवजा और प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार का लिखित आश्वासन देने की मांग रखी गई।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि जब तक गाइडलाइन दरों की विसंगतियां दूर नहीं होतीं और पूर्व में दायर 300 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं पर कारणयुक्त लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक किसान भूमि का कब्जा नहीं देंगे।

प्रशासन की बड़ी पहल-उच्च स्तरीय टीम गठित

इस संबंध में जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के निराकरण हेतु एक विशेष उच्च स्तरीय टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस टीम में एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं रेलवे अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम सोमवार को प्रभावित किसानों के लिए उपस्थित रहकर प्रत्येक गांव के किसानों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनेगी और उनके समाधान हेतु गंभीरतापूर्वक एवं अथक प्रयास करेगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों की आपत्तियों और समस्याओं का परीक्षण एवं निराकरण करने के बाद ही भूमि अधिग्रहण संबंधी आगामी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में अजय कुमार सिन्हा, अमर सिंह साहू, देवेंद्र कुमार देवांगन, दीपक देशमुख, प्रेम लाल, धनेश राम साहू, रमेश साहू, सुनील ठाकुर सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित रहे। अंत में राकेश ठाकुर ने कहा कि किसानों को प्रशासन की इस पहल से सकारात्मक उम्मीद जगी है और वे चाहते हैं कि गठित टीम निष्पक्ष और न्यायपूर्ण निर्णय सुनिश्चित करे, जिससे किसानों के हितों की रक्षा हो सके।


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