दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 12 जनवरी। सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत रविवार को भिलाई-दुर्ग के 21 स्कूलों के छात्र-छात्राओं के परिवहन करने वाले 230 बसों की जांच की।
जांच के दौरान यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग ने खामियां मिलने पर कुल 65 स्कूली बसों पर चालान करते हुए 50 हजार 9 सौ रुपए समन शुल्क वसूला। वहीं चालक-परिचालक के आंखों की जांच करने पर 26 चालकों को आंखों से संबंधित शिकायत पायी गई। रविवार की सुबह भिलाई नगर थाने के सामने मैदान में परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने स्कूल बसों की जांच की। पूर्व में दी गई सूचना के आधार पर दो सौ से भी अधिक स्कूली बसें जांच के लिए पहुंची। इन बसों की मैकेनिकल जांच के साथ उनके टैक्स, फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र और वायु प्रदूषण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। इसके अलावा बस की हेड लाइट, बैक लाइट, अंदर की सफाई और हार्न को भी परखा गया। एक चेकलिस्ट के आधार पर यह सुनिश्चित किया गया कि सभी स्कूल बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
मौके पर मौजूद एडिशनल एसपी ट्रैफिक ऋचा मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पुलिस और परिवहन विभाग कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अनेक स्कूल प्रबंधन ऐसे जांच के मौके पर अपनी फिट बसों को भेजकर खानापूर्ति करते हैं। इसलिए इस बार सभी स्कूलों से बसों की सूची मंगाकर क्रास चेकिंग की जा रही है। खामियां मिलने पर चालानी कार्रवाई की। परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर सनत कुमार जांगड़े ने बताया कि सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत आज स्कूली बसों की जांच की गई। इस दौरान जिन बसों में खामियां मिली है,उन पर चालानी कार्रवाई कर उसके संचालकों को सुधार का निर्देश दिया गया है। अगर भविष्य में खामियों को सुधारा नहीं जाता है तो परमिट निरस्तीकरण की अनुशंसा की जाएगी।


