दुर्ग

मोदी सरकार ने मनरेगा को बनाया मजदूर विरोधी-अरुण वोरा
11-Jan-2026 7:59 PM
मोदी सरकार ने मनरेगा को बनाया मजदूर विरोधी-अरुण वोरा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 11 जनवरी।
कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में 10 जनवरी से 26 फरवरी तक चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक पूर्व मंत्री अरुण वोरा ने बयान जारी करते हुए कहा कि मनरेगा एक अधिकार-आधारित व्यवस्था है। इसे यूपीए सरकार ने मजदूर का हक़ बनाकर लागू किया था, लेकिन आज केंद्र सरकार इस अधिकार को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। वित्तीय जिम्मेदारी से पीछे हटकर राज्यों पर बोझ डाला जा रहा है और रोजग़ार की गारंटी को विवेकाधीन बनाया जा रहा है। गारंटी किसी सरकार की कृपा नहीं होती, वह मज़दूर का अधिकार होती है। मौजूदा बदलाव रोजग़ार सृजन नहीं, बल्कि रोजग़ार सीमित करने की नीति को दर्शाते हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा महात्मा गांधी हमारे राष्ट्रपिता हैं। वे हमें यह सिखाते हैं कि देश की असली ताकत उसके गाँव और मेहनतकश लोग होते हैं। ग्राम स्वराज का उनका सपना गाँवों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने की बात करता है। मनरेगा उसी सोच से निकली योजना है। इसलिए इस योजना से गांधी का नाम जुड़ा होना उनके विचारों और योगदान के प्रति देश का सम्मान है। दुर्भाग्य की बात है कि आज की भाजपा सरकार ने इस योजना से गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है।
इससे उस विचार को भी कमजोर किया जा रहा है, जिस पर यह योजना खड़ी थी। सरकार अब उस सोच से दूरी बना रही है, जिसमें गाँव, श्रमिक और पंचायत केंद्र में थे।
 


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