दुर्ग

अतिशेष शिक्षकों ने वेतन के लिए डीईओ से लगाई गुहार
10-Aug-2025 3:52 PM
अतिशेष शिक्षकों ने वेतन के लिए डीईओ से लगाई गुहार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 10 अगस्त।
युक्तियुक्तकरण प्रकिया की चपेट में शिक्षकों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां उन्हें अतिशेष शिक्षक बता कर दूर दराज या अन्य जिले के स्कूलों में भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। त्योहारी सीजन में वेतन के लिए शिक्षक दर दर भटक रहे है। 

वेतन दिए जाने के संबंध में अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में अतिशेष शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा से मुलाकात की। अतिशेष शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जून माह से वेतन नहीं मिल रहा है। जब तक उनके द्वारा दिए गए अभ्यावेदनों की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें वेतन दिया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित अतिशेष शिक्षकों को रिलीफ किए जाने का हवाला दिया गया। चर्चा के दौरान शिक्षक संजय चन्द्राकर, शिल्पी मंडल, श्वेता तन्ना, अनुपम अग्रवाल, देवकीनंदन शर्मा, प्रीतम कुमार, किशोर कुमार, जितेंद्र तोमर, नारायण दास, सीमा जायसवाल एवं अन्य शिक्षक शामिल थे।

युक्तियुक्तकरण प्रकिया शिक्षक ही नहीं अधिकारियों के लिए भी गले की फांस बनी हुई है। विभिन्न फोरम पर इसकी सुनवाई चल रही है। युक्तियुक्तकरण से अतिशेष हुए दुर्ग जिले की 150 से अधिक शिक्षक न्याय के लिए कोर्ट का रुख किए। इनमें से ज्यादातर अतिशेष शिक्षकों की सुनवाई के लिए जिला स्तर की समिति को अधिकृत किया गया। जिला स्तर की समिति द्वारा सुनवाई की प्रक्रिया 17 जून से शुरू हुआ।

अभी तक युक्तियुक्तकरण से संबंधित 161 प्रकरणों पर जिला स्तरीय समिति में सुनवाई हो चुकी है। इनमें 12 प्रकरण मान्य एवं 148 प्रकरण अमान्य किए गए। वहीं 1 प्रकरण पर निर्णय लंबित  हैं। कुल 161 प्रकरणों में से 154 प्रकरण न्यायालय से संबंधित एवं 7 सामान्य प्रकरण हैं। इसके बाद शासन स्तर पर व्यवस्था दी गई कि अतिशेष शिक्षकों की सुनवाई संभाग तथा राज्य स्तर पर भी की जाएगी। यही वजह है कि अतिशेष शिक्षक सभी स्तर पर अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा का कहना है कि जिन अतिशेष शिक्षकों का काउंसिलिंग के दौरान अन्य जिले में पदांकन हुआ है, उनका एलपीसी संबंधित जिलों में भेजा जा चुका है। इस वजह से इस जिले से उनका वेतन नहीं निकाला जा सकता।


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