दुर्ग
पानी के अभाव में निंदाई का कार्य हो रहा प्रभावित
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 9 अगस्त। प्रदेश में दुर्ग सबसे ज्यादा गर्म रहा वहीं पिछले एक सप्ताह से वर्षा की तीव्रता में कमी आने के बाद उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। खेतों में भरे पानी भी तेजी से सुख रहे हैं। ऐसे में कई किसानों खेतों में पर्याप्त पानी के अभाव में धान की फसल का निंदाई एवं चलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक दुर्ग में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस था जोकि सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है इसी प्रकार दुर्ग में आज का न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री रहा जोकि सामान्य से 1.8 डिग्री कम है तापमान बढऩे एवं बारिश की तीव्रता कम होने की वजह से बढ़ी उमस भरी गर्मी से लोग हलाकान है वहीं किसान की चिंता भी बढऩे लगी है।
वहीं मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों तक वज्रपात एवं मेघ गर्जन की चेतावनी दी। इस दौरान बारिश के साथ मेघ गर्जन जारी रहने की संभावना है। मानसून द्रोणिका समुद्र तल पर पंजाब से देहरादून, पटना होते हुए उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी की तक जा रही है। वहीं दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
तापमान बढऩे से खेतों में भरा पानी तेजी से सूख रहा है ऐसे में किसान भूजल पर निर्भर है, जिसके लिए बिजली जरूरी है मगर अटल ज्योति लाइन में बिजली की आंख मिचौली से किसान परेशान ग्राम तुमाखुर्द निवासी किसान चोवाराम पटेल का कहना है कि अटल ज्योति में ठीक से 6-7 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। काट काट कर बिजली सप्लाई दी जा रही है। बिजली बंद रहने से वे दिन भर मजदूर के साथ बैठे रहे। उन्होंने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ में धान की फसल ली है। इनमें 18 एकड़ में बोता है इसमें वे चलवाई का कार्य करा रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने पर बोर से पानी भर रहे हैं उनके पास 4 बोर है, मगर बिजली कटौती की वजह से खेतों में चलवाई करवाने पानी का भराव नहीं हो पा रहा है।


