दुर्ग

कर्मचारी दफ्तर बंद कर 22 को करेंगे धरना-प्रदर्शन
08-Aug-2025 10:01 PM
कर्मचारी दफ्तर बंद कर 22 को करेंगे धरना-प्रदर्शन

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 8 अगस्त।
विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर दफ्तर बंद कर 22 अगस्त को धरना प्रदर्शन करेंगे। मोदी की गारंटी पूरा नहीं होने से नाराज छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संगठन इसमें शामिल रहेंगे। विभिन्न संगठनों के प्रमुखों ने जिला पंचायत सभागार में बैठक लेकर आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई।

इसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की बैठक 15 जून  को फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा की अध्यक्षता में  हुई थी। जिसमें सभी घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्वलंत मुद्दों को लेकर मांगों को पूरा कराने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया। इन मुद्दों पर 16 जुलाई तक निर्णय नहीं लिए जाने के फलस्वरुप प्रथम चरण में 1 ब्लॉक/ जिला स्तर पर रैली ज्ञापन सौंपा गया था। अब 22 अगस्त के पूर्व इस संबंध में शासन द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने पर 22 अगस्त  एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सभी जिला एवं विकासखण्ड तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मोदी की गांरटी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के घोषणा पत्र अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों के लिए प्रमुख वादों को लागू किया जावे।

फेडरेशन के जिला संयोजक विजय लहरे ने कहा कि इस प्रदर्शन में वन कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचांरी संघ, लिपिक संघ, शिक्षक फेडरेशन, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठन से जुड़े सारे कर्मचारी दफ्तर बंद कर आंदोलन पर रहेंगे। इसे लेकर बैठक में रणनीति बनाई गई। बैठक में जी.आर. चंद्रा प्रांतीय पर्यवेक्षक, रोहित तिवारी प्रांतीय पर्यवेक्षक, अजीत दुबे प्रांताध्यक्ष वन कर्मचारी संघ राजेश चटर्जी संभाग प्रभारी दुर्ग, हरि शर्मा, अनुरूप साहू, महासचिव भानूप्रताप यादव, मोती खिलाड़ी, संजय शर्मा, श्रवण ठाकुर, प्रदीप चौहान, धर्मेंद्र देशमुख, शिवदयाल धृतलहरे, आंनद मूर्ति झा सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

उन्होंने मांग किया कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार केन्द्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से दिया जावे। प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार जुलाई 2019 से समय समय पर देय महंगाई भत्ते की लंबित एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किया जावे।  वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जावे। प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमश: 8 वर्ष, 16 वर्ष, 24 वर्ष एवं 30 वर्ष सेवा पूर्ण करने उपरांत लागू किया जावे। सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षक एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जावे। प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू किए जाने सहित 11 सूत्रीय मांग शामिल है।


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