दुर्ग

जिले के 80 हजार किसानों के बैंक खातों में 16.75 करोड़
03-Aug-2025 8:53 PM
जिले के 80 हजार किसानों के बैंक खातों में 16.75 करोड़

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किश्त जारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 3 अगस्त। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 2 अगस्त  को वाराणसी उत्तर प्रदेश से किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त की राशि प्रधानमंत्री द्वारा जारी की गई।

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे देश में किया गया। जिले में कार्यक्रम का आयोजन जिला, विकासखण्ड, सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत पर आयोजन किया गया।

जिले में मुख्य कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा एवं पाहंदा (अ) में किया गया। उक्त कार्यक्रम में पी.एम. किसान दिवस के रूप में प्रधानमंत्री के उद्बोधन का प्रसारण वेब कास्ट के माध्यम से किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत सदस्य संगीता साहू, कलेक्टर अभिजीत सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत अंजोरा (ख)  संतोष सारथी, निदेशक विस्तार सेवाएं दाऊ वासुदेव कामधेनु विश्वविद्यालय डॉ. संजय साक्य, उप संचालक कृषि संदीप कुमार भोई, प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. विकास खुंणे, सहायक संचालक कृषि सुचित्रा दरबारी, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए। इसी अनुक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में मुख्य अतिथि सभापति कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत नीलम राजेश चंद्राकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक विजय जैन, सहायक संचालक कृषि पुष्पा राजेन्द्रन, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए।

उक्त कार्यक्रम में समस्त जनों ने प्रधानमंत्री के किसानों के नाम संदेश को ध्यानपूर्वक सुना एवं इस कार्यक्रम के तहत डी.बी.टी. के माध्यम से 2000 रूपए की 20वीं किश्त जारी करने की प्रक्रिया को देखा। इसके तहत जिले के 80230 कृषकों को 20वीं किश्त की राशि 16.75 करोड़ रूपए जारी की गई। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से सीधा संवाद कर खेती किसानी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा धान के साथ अन्य फसलों को भी लगाने तथा खाद्यान्न के साथ दलहन-तिलहन इत्यादि क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की गई। साथ ही किसानों को जैविक खेती, बीजोपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक उर्वरक नैनो डी.ए.पी. इत्यादि के लिए मार्गदर्शन किया गया है। कई किसानों ने इस योजना से मिल रही आर्थिक सहायता को खेती में उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया। इस योजना से उन्हें बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए समय पर सहायता मिलती है जिससे उनकी उत्पादकता एवं आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई है।


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