दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 31 जुलाई। दुर्ग जनपद पंचायत के 11 सदस्यों को पंद्रहवें की राशि से वंचित रखे जाने पर आज आयोजित सामान्य सभा बैठक में विपक्षी सदस्य जमकर बिफरे मामले में बहस के बीच ही जनपद अध्यक्ष ने सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। इससे नाराज विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष व सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैठक की शुरुआत में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया पश्चात 15वें वित्त को लेकर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने योजना के तहत राशि वितरण में भेदभाव का मामला उठाया सदस्य ढालेश साहू ने जनपद सीईओ से जानना चाहा कि वे मामले में क्या कर रहे हैं इस पर सीईओ ने कहा कि सभी सदस्य उनके लिए सम्मानीय है। 15वें वित्त की राशि का वितरण बहुमत के आधार पर किया गया है।
श्री साहू ने इस संबंध लिखित में जानकारी देने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन 11 सदस्यों को 15 वें वित्त की राशि से वंचित किया गया है उनका क्षेत्र छग व दुर्ग जनपद क्षेत्र में आता है या नहीं यदि उनके क्षेत्र के विकास के लिए योजना के तहत पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा है, तभी बहस के बीच अध्यक्ष ने सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। वहीं 15 वें वित्त से 11 सदस्यों को पृथक रखे जाने पर सदस्य संतोषी देशमुख व प्रतिभा देवांगन के बीच भी तीखी नोंक झोंक हुई।
इसके पूर्व सदस्यों ने कहा कि मनरेगा सेल प्रोजेक्ट के तहत ग्राम पंचायत प्रस्ताव के आधार पर एक साल की कार्य योजना तैयार कर जनपद पंचायत से जिला पंचायत को भेजा जाता है। तब कार्य स्वीकृति प्रस्ताव के आधार पर बने कार्ययोजना के अनुसार कार्य स्वीकृत किया जाता है मगर कार्ययोजना से हटकर नया कार्य किसके आदेश पर जोड़ा गया जबकि इसमें बदलाव होता नहीं है। मामले में उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा से मार्गदर्शन देने की मांग की मगर उनके जवाब सुन विपक्षी सदस्य अचंभित रह गए।
बैठक विधायक ललित चंद्राकर ने पीएचई विभाग के अधिकारी से रूदा में पानी टंकी निर्माण के संबंध में जानना चाहा। इस पर उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने कहा कि बिना पानी टंकी निर्माण किए स्ट्रक्चर खड़ी कर दिया है आखिर कब पानी टंकी बनेगा। उनके इस प्रश्न पर विभागीय अधिकारी ने कहा कि एल्युमिनियम का पानी टंकी बनाने आर्डर किया है एक माह में कार्य पूरा हो जाएगा।
सदस्य संगीता साहू ने कहा कि स्कूल खुले माह भर से ज्यादा समय हो गए अब तक छात्र छात्राओं को वितरण के लिए पुस्तक नहीं पहुंचा है। इसी प्रकार अंजोरा आत्मानंद स्कूल में शिक्षक नहीं है जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। इस पर विभागीय अधिकारी ने एक सप्ताह के अंदर व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। बैठक में युक्ति युक्तकरण के तहत जिले के शिक्षकों को अन्य जिलों में भेजने एवं अन्य जिले से दुर्ग जिला में एक भी शिक्षक नहीं भेजे जाने पर रोष प्रकट किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन, सीईओ रूपेश पाण्डेय, सदस्य अजीत चंद्राकर, लीलावती देशमुख सहित सभी सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


