दुर्ग

खंड वर्षा से खेती नहीं पकड़ पा रही गति
20-Jun-2025 3:42 PM
खंड वर्षा से खेती नहीं पकड़ पा रही गति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 20 जून।
मानसून की अनिश्चितता ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खंड वर्षा व अनिश्चितता की वजह से कृषि कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। वहीं जल्द मानसून पहुंचने की खबर के बाद स्वयं के साधन वाले जो किसान रोपाई के लिए नर्सरी डाल चुके हैं, वे भी परेशान है क्योंकि मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाने से अब तक बोर भी रिचार्ज नहीं हो पाए हैं।

छग प्रगतिशील किसान संगठन के महासचिव झबेन्द्र भूषण वैष्णव का कहना है कि बोनी तो चालू हो चुकी है मगर अब तक खंड वर्षा जैसी स्थिति है जिसकी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में बोनी की स्थिति अलग अलग है। अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। मानसून की अनिश्चितता ने किसानों को चिंता में डाल दी है। खंड वर्षा के चलते कृषि कार्य जैसे गति पकडऩी चाहिए नहीं पकड़ पाई है। किसान इन हालत में बोनी के लिए हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। स्वयं के साधन वाले किसान भी असमंजस में हैं। जल्द मानसून पहुंचने की खबर के बाद बोर की पानी का उपयोग कर अन्य वर्षों की तुलना ऐसे कई किसान पहले से नर्सरी डाल चुके हैं। जहां थरहा तैयार है वे भी बोर पूरी तरह रिचार्ज नहीं होने से इसकी रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है आगे भी खंडवृष्टि की स्थिति रही तो दिक्कत और बढ़ जाएगी। बस्तर में मानसून जल्द प्रवेश के बाद अब तक प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है।

 

ग्राम बोड़ेगांव निवासी कृषक रविप्रकाश ताम्रकार का कहना है कि भीषण गर्मी में बोर सूख गया है, जिसकी वजह से इस बार विलंब से 5 दिन पहले नर्सरी के लिए बोनी की है जबकि पूर्व वर्षों में वे 1 से 5 जून के बीच बोनी करते थे। पर्याप्त बारिश नहीं होने से अभी तक बोर रिचार्ज नहीं हो पाया है। वहीं अचानकपुर निवासी किसान रोहित साहू ने कहा कि उन्होंने 12 जून को नर्सरी डाला है।
श्री वैष्णव का कहना जल्द मानसून पहुंचने की खबर के बाद स्वयं के साधन वाले जिन किसानों ने जल्दी नर्सरी डाल ली है। उनके खेत में थरहा भी तैयार हो चुके हैं मगर जल्द मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो समय पर इसकी रोपाई नहीं कर पाएंगे। इसकी रोपाई में विलंब की स्थिति में उत्पादन भी प्रभावित होगा। उनका कहना है कि सामान्य स्थिति में 25 से 35 दिन के अंदर नर्सरी के पौधे की रोपाई हो जाना चाहिए।


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