दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 2 जून। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में क्षत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए। वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महान विभूति, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाये हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीत है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में यह समाज का महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय रविवार को दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा तथा विधायक अजय चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान है। साथ ही व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाईयों के चेहरों पर खुशी हमेशा देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाईयों की बेहतरीन के लिए कार्य कर रही है। इस समय विकसित कृषि संकल्प अभियान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून तक चल रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोडऩा और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से कार्यक्रमों के माध्यम से संवाद कर रहे हैं।
ये वैज्ञानिक किसानों को आर्गेनिक खेती, खाद और स्वाइल हेल्थ कार्ड के सही उपयोग के बारे में जागरूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो। चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष विनोद चन्द्राकर ने स्वागत उद्बोधन में केन्द्रीय महाविधवेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई के संसाधानों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो पशु दिए जाएंगे। जिनकी देख-रेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दुध बेचने में कोई परेशानी न हो इसके लिए दुध संकलन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनायी है जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।


