दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 19 मई। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने दुर्ग जिले में आने के बाद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने 3 एएसआई, 2 प्रधान आरक्षक और 9 आरक्षकों सहित 14 लोगों को एक साथ लाइन का रास्ता दिखा दिया है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने यह आदेश 17 मई को जारी किया। जारी आदेश के मुताबिक उनहोंने एसीसीयू में पदस्थ एएसआई पूर्ण बहादुर, भिलाई नगर में पदस्थ एएसआई शमित मिश्रा और यातायात में पदस्थ एएसआई विनोद सिंह को लाइन अटैच किया है। इसी तरह सुपेला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक जसपाल सिंह और एसीसीयू में पदस्थ चंद्रशेखर बंजीर को लाइन अटैच किया है। आरक्षकों की बात करें तो उन्होंने एसीयू में पदस्थ सिपाही अनूप शर्मा, संतोष गुप्ता, पन्नेलाल, विक्रांत यदु, खुर्रम बक्श और शहबाज खान को लाइन अटैच किया है। इस तरह नेवई थाने में पदस्थ सिपाही शमिम खान, छावनी में पदस्थ अमित दुबे और बोरी थाने में पदस्थ सिपाही जुनैद सिद्दकी लाइन अटैच किया गया है। एक साथ इतने लोगों को लाइन अटैच करने से पूरे पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने जितने भी पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया है उनका नाम अक्सर विवादों से जुड़ा रहा है। चाहे वो महादेव एप के चलते हो या फिर कांग्रेस सरकार में सत्ता के लोगों के करीबी के हिमायती रहे हों। बता दें कि दुर्ग में एसीसीयू में पदस्थ अधिकारी और पुलिस कर्मियों का नाम काफी विवादित रहा है।
कई लोगों के ऊपर महादेव सट्टा एप का पैनल चलवाने से लेकर उनकी मदद करने का आरोप है। यही कारण है कि क्राइम में रहे कई लोगों के घर एसीबी, ईओडब्ल्यूडी, सीबीआई या ईडी के छापे भी पड़ चुके हैं। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने भास्कर से कहा था कि वो सभी विवादित पुलिस कर्मियों को वहां से हटाकर नए को मौका देंगे।


