दुर्ग
जानकारी जुटाने गली-मोहल्ले खंगाल रही पुलिस, वीडियो से खुलासा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददातो
भिलाई नगर, 19 फरवरी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिला पुलिस सुपेला क्षेत्र के एक युवक के संबंध में जानकारी जुटाने पूरी टीम के साथ गली-मोहल्ले छान रही है। युवक सुपेला का रहने वाला है। इस वजह से सुपेला के आसपास के लोगों से उसके बारे में पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब हो कि सोशल मीडिया पर गुरुवार से एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक नग्न हालत में दिखाई दे रहा है। युवक के साथ मारपीट हो रही है। युवक सुपेला इलाके के चार युवकों का नाम बार-बार दोहरा रहा है। वह आरोप लगा रहा है कि चारों युवक अयाज, परवेज, कालू और शाहरुख उसे अपने साथ ट्रक में ले आए और ओडिशा में एक क्विंटल गांजे का पैसा नहीं होने पर गिरवी रखकर फरार हो गए हैं। वीडियो में युवक यह भी कह रहा है कि उसकी मौत के जिम्मेदार ये ही चारों युवक होंगे।
जब यह वीडियो जिला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की गयी और प्राथमिक जांच के बाद पता चला कि वीडियो सही है।
जानकारी के अनुसार वीडियो में युवक सुपेला के जिन लोगों पर दोष मढ़ते हुए उनका नाम ले रहा है, वो सब फरार हैं। वीडियो में महाराष्ट्र के जिस पीर मलिक का जिक्र युवक ने किया है, उसका स्मैक और ड्रग्स की तस्करी में कई बार नाम सामने आ चुका है। एनडीपीएस के कई मामलों में पीर मलिक का नाम आता रहा है और उसके खिलाफ कई बार वारंट भी जारी हुआ है लेकिन कभी पुलिस पीर मलिक को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। विदित हो कि पीर मलिक गैंग ड्रग्स की तस्करी में लंबे समय से एक्टिव है। वायरल वीडियो में जो युवक दिखाई दे रहा और वो जिनके नाम वो ले रहा है, उन सबके संबंध में खासा डाटा तैयार कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग बीएन मीणा ने गुरुवार को ही जिले में पहली बार नारकोटिक्स सेल का गठन किया और सेल की कमान डीएसपी क्राइम नसर सिद्दीकी को सौंपी है। इस टीम में टीआई गौरव तिवारी, सुरेश ध्रुव, विशाल सोन सहित एएसआई पूरन बहादुर, आरक्षक अनूप शर्मा, तिलेश्वर राठौर, रिंकू सोनी, पन्नेलाल हैं।
नारकोटिक्स विंग के गठन के बाद ऐसे मामलों की जांच तेजी से होगी। फिलहाल टीम पिछले कुछ वर्षों में एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार आरोपियों का रिकॉर्ड तैयार करने के आलावा नशे का अवैध धंधा करने वालों की सूची भी बना रही है ताकि नशा कारोबारियों पर नकेल कसी जा सके। ड्रग्स पैडलर का डाटा तैयार होते ही नशे कारोबारियों पर पुलिस की सख्ती देखने को मिलेगी।


