दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 5 अक्टूबर। तमेर पारा किल्ला मंदिर स्वयंभू हनुमान महाराज ने 3 अक्टूबर रात्रिकालीन 101 वर्ष बाद अपना चोला छोडक़र अपने मूल प्रतिमा स्वरूप बजरंगबली ने दर्शन दिए। इसके पूर्व 1920 में बजरंगबली महाराज ने अपना चोला छोड़ा था. जिनके नवीन स्वरूप दर्शन हेतु नगर धर्मप्रेमियों का मेला लग गया।
दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव, विजय अग्रवाल, सुरेन्द्र शर्मा, महेन्द्र सक्सेरिया शहर के अनेक नागरिक, अधिकारियों सहित दर्शन के लिये पधारे। तत्पश्चात श्री किल्ला मंदिर लोक न्यास ने पंडितों से सलाह लेकर कार्यक्रम तय किया कि 4 अक्टूबर को दिनभर रूद्राभिषेक, चोलावंदन, पूजा पाठ, विधिविधान चलेगा।
5 अक्टूबर प्रात: 10 बजे से नगर भ्रमण की शुरुआत किल्ला मंदिर से कंकालीन मंदिर, चण्डी मंदिर, लंगूरवीर हनुमान मंदिर, राम मंदिर, मोती काम्प्लेक्स, बरई पारा, काशीराम चौक, लुचकी पारा, तकिया पारा, संतरा बाड़ी, धमधा नाका, होते हुए धमधा, देवकर, बेमेतरा, नवागढ़, मुंगेली, कोटा, अमरकंटक रीवा, प्रयागराज पहुंचेगी।
अत: 6 अक्टूबर अमावस्या के दिन प्रयागराज में पूजा अर्चना पश्चात त्रिवेणी संगम में विसर्जन होना तय किया गया. अत: भक्त जनों से अनुरोध है कि शोभयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होवे।


