दुर्ग
8 फीट से ऊंची मूर्ति मान्य नहीं, ज्योति कलश स्थापित होंगे, किन्तु दर्शन की अनुमति नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 5 अक्टूबर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा दुर्गा उत्सव के दौरान नया गाइडलाइन जारी किया गया है. मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी किंतु श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसी तरह रास गरबा डांडिया का आयोजन वृहद रूप से नहीं किया जाएगा। आयोजन स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 100 व्यक्ति ही ऐसे कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकेंगे।
जिला दंडाधिकारी द्वारा पारित आदेश के मुताबिक मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 8 फीट होनी चाहिए परंतु पीओपी से निर्मित मूर्ति की बिक्री व स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 बाई 15 फीट से अधिक न हो पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्ग फीट की खुली जगह हो। पंडाल के सामने खुली जगह में कोई भी सडक़ अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो. मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर ज्योति का प्रज्वलन किया जाएगा। ज्योति दर्शन हेतु दर्शनार्थियों व अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। मंडप पंडाल के सामने दर्शनार्थियों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल नहीं की जाएगी. दर्शनार्थियोंस दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सियां नहीं लगाई जाएगी. कोरोना वायरस की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए रास गरबा डांडिया का आयोजन वृहद रूप से नहीं किया जाएगा। आयोजन स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 100 व्यक्ति की सम्मिलित हो सकेंगे। किसी भी एक समय में पंडाल के सामने मिलाकर 50 दर्शनार्थियों से अधिक न हो. मूर्ति दर्शन पूजा में शामिल होने वाले कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएंगे। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करने होंगे. मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सी मीटर, हैंडवाश, क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।
विसर्जन को लेकर भी जारी हुआ आदेश
मूर्ति विसर्जन को लेकर भी प्रशासन द्वारा आदेश जारी किया गया है. मूर्ति स्थापना के दौरान विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के भोज भंडारा की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र जैसे धुमाल, बैंड या अन्य वाद्य यंत्र, जिसका पीएमपीओ 200 वाट से अधिक न हो, के बजाने की अनुमति होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटा एस, छोटा हाथी से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा झांकी के अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्ति को ही अनुमति होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल पर तक रास्ते में कहीं रुकने की अनुमति नहीं होगी।
मूर्ति का विसर्जन दिन में करना होगा तथा निगम द्वारा निर्धारित स्थल पर ही विसर्जन की अनुमति होगी। पंडाल स्थापित करने और ध्वनि विस्तारक यंत्र उपयोग करने से 3 दिन पूर्व शपथ पत्र प्रस्तुत कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है।


