बस्तर

पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार पर जोर
27-Nov-2020 9:27 PM 45
 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार पर जोर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 27 नवम्बर। पुरानी हो चुकी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार पर जोर देते हुए शीघ्र ही इनका सर्वेक्षण करने का निर्णय संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया।

कमिश्नर जीआर चुर्रेन्द्र की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचंद जैन, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम सहित समिति के सदस्य एवं जल संसाधन तथा कृषि विभाग के संभागीय और जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

संभाग में सिंचाई रकबा को बढ़ाने के लिए पुरानी हो चुकी परियोजनाओं का प्राथमिकता के साथ जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया गया। जीर्णोद्धार हेतु स्वीकृत परियोजनाओं में कार्य में तेजी लाए जाने पर जोर दिया गया। सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए।

सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों को दिलाने के लिए जल उपभोक्ता समितियों का गठन और मैदानी अमलों को मुख्यालय में निवास करने और किसानों से सतत संपर्क बनाए रखने को कहा गया। सिंचाई परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए उपभोक्ता किसानों से भी सहयोग की आवश्यकता बताई गई। संभाग में सिंचाई हेतु अधिक से अधिक सतही जल का उपयोग करने तथा नदी नालों के किनारे सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

बैठक में जलाशयों में जल भराव की स्थिति, वर्ष 2019-20 में वास्तविक रबी सिंचाई, 2020-21 में खरीफ सिंचाई  और 2020-21 में रबी सिंचाई के लक्ष्य के संबंध में चर्चा की गई। बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने बैठक में गांवों में जल उपयोगिता समिति का चुनाव करने तथा सुराजी योजना के तहत नरवा विकास की बात कही। किसानों को सिंचाई सुविधाओं का लाभ प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बैठकें आयोजित करने के साथ ही उसमें जनप्रतिनिधियों को भी अनिवार्य तौर पर आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कृषि आदान सामग्री वितरण के अवसर पर भी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने सिंचाई तालाब और सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण में प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण के कार्य में तेजी लाए जाने की आवश्यकता बताई गई।

संसदीय सचिव  रेखचंद जैन ने धुरगुड़ा, डोगाम और कुम्हरावंड सिंचाई परियोजना के जीर्णोद्धार में तेजी लाए जाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि किसानों को इसका लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके। उन्होंने नदी किनारे सिंचाई रकबे को बढ़ाने के लिए सोलर ऊर्जा पम्पों के उपयोग को बढ़ावा देने और सिंचाई संसाधनों की रक्षा के लिए ग्राम स्तरीय जल उपयोगिता समिति को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया।

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