राजनांदगांव

जसगीतों के साथ जोत जंवारा का विसर्जन
26-Oct-2020 8:25 PM 41
जसगीतों के साथ जोत जंवारा का विसर्जन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 26 अक्टूबर। क्वांर नवरात्र पर्व के नवमीं और दशमी पर रविवार को जसगीतों के साथ तालाबों व पोखरों में सुबह से जोत-जंवारा का विसर्जन का दौर चला। वहीं सोमवार को मां दुर्गा व काली तथा सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन का दौर शुरू होने हो गया।

कोरोना संक्रमण और प्रशासन के निर्देशानुसार इस बार शहर समेत ग्रामीण अंचल में दशहरा पर्व पर होने वाले आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। ऐसे में लोगों ने 10 फीट का रावण के पुतले का पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना कर दहन किया। इधर रविवार को हवन-पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने नौ कन्या भोज का भी आयोजन कराया। क्वांर नवरात्र पर जिले सहित शहर के मंदिरों में श्रद्धाभक्ति का माहौल बना रहा।

शनिवार को हवन-पूजन के पश्चात रविवार को मंदिरों व प्रतिमा पंडालों से आस्था के साथ भक्तों ने जोत-जंवारा विसर्जन जसगीतों के माध्यम से तालाब व सरोवरों में ले जाकर विधि-विधान से विसर्जित किया।  शनिवार को शहर के मां काली माई मंदिर, मां दुर्गा मंदिर एवं पाताल भैरवी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में हवन हुआ, जहां भक्तों ने अपनी आस्था के साथ हवन-पूजन कार्यक्रम में परिजनों समेत शामिल हुए।

महाअष्टमी के चलते मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का आने का सिलसिला चलता रहा। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में मंदिरों व पूजा पंडालों की समितियों द्वारा कोरोना काल और संक्रमण को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क को अनिवार्य रूप से चेहरे में लगाने की अपील करते रहे। नवरात्र पर्व पर शहर के अधिकांश क्षेत्रों में गरबा उत्सव पर पूरी तरह रोक लगी रही। इधर पूजा पंडालों में नवरात्र पर्व पर जसगीत के माध्यम से  भक्तिमय माहौल निर्मित रहा।

 दिनभर चलता रहा प्रतिमाओं का विसर्जन

सोमवार को शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा, काली एवं माता सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन का क्रम दोपहर बाद से शुरू हो गया। जसगीतों के साथ प्रतिमाओं को पूजा पंडालों से शहर के मुख्य मार्गों में भ्रमण कराते मोहारा नदी स्थित विसर्जन कुंड में विसर्जित किया गया। इधर शनिवार को हवन पूजन के पश्चात रविवार को ज्योति कलश का विसर्जन हुआ। वहीं सोमवार को प्रतिमाओं का विसर्जन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। ऐसे में नवरात्र पर्व के दौरान शहर समेत जिलेभर में भक्तिमय माहौल निर्मित रहा।

हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते  इस बार डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए मंदिर परिसर में रोक लगा दी गई थी। ऐसे में शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले सेवा पंडाल नहीं लगे थे। वहीं पदयात्री भी इस बार घरों व आसपास के मंदिरों में अपनी मनोकामनाएं लेकर पूजा-अर्चना कर की।

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