दुर्ग

स्टेट सर्वे, होम आइसोलेशन के फीडबैक में दुर्ग नंबर वन, 91 फीसदी स्कोर हासिल, सभी मानदंडों में अग्रणी
26-Oct-2020 8:21 PM 31
स्टेट सर्वे, होम आइसोलेशन के फीडबैक में दुर्ग नंबर वन, 91 फीसदी स्कोर हासिल, सभी मानदंडों में अग्रणी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भिलाईनगर, 26 अक्टूबर। होम आइसोलेशन के दुर्ग मॉडल ने इस सप्ताह हेल्थ डिपार्टमेंट के फीडबैक सर्वे में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। फीडबैक सर्वे में 91 फीसदी स्कोर दुर्ग जिले को प्राप्त हुआ है।

85 प्रतिशत से अधिक स्कोर फीडबैक के लिए शानदार माना जाता है, यहां स्कोर छह प्रतिशत अधिक होने के कारण दुर्ग का होम आइसोलेशन मॉडल काफी बेहतर  तरीके से काम करता प्रतीत हो रहा है। फीडबैक की रैंकिंग में मेडिकल सुपरविजन के संबंध में 452 लोगों से थर्ड पार्टी ने फालोअप लिया। सभी पैरामीटर में दुर्ग जिले की रैंकिंग बहुत अच्छी रही।

उल्लेखनीय है कि यहां होम आइसोलेशन मैनेजमेंट के अंतर्गत लगभग 8000 मरीज थे। इन सभी के मेडिकल पैरामीटर देखना और उसके मुताबिक इनकी दवाइयां एवं ट्रीटमेंट का फालोअप करना, काउंसिलिंग करना और जरूरी पडऩे पर इन्हें बिल्कुल समय गंवाये रिफर करना बड़ा काम था। होम आइसोलेशन कंट्रोल रूप में मेडिकल टीम की प्रभारी डॉ. रश्मि भूरे एवं उनके छह सहयोगी मेडिकल अधिकारियों ने लगातार स्थितियों पर नजर रखी। इसका बहुत अच्छा नतीजा सामने आया और रिकवरी रेट शानदार रही। कोविड कंट्रोल बिल्कुल अलग किस्म का कार्य था। इसके लिए जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों, आयुर्वेद अधिकारियों, स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग बेहद जरूरी थी। डॉ. रश्मि भूरे ने यह ट्रेनिंग कराई, साथ ही जटिल केस के संबंध में रिफर करने तुरंत निर्णय लिया। अलग-अलग तरह की मेडिकल हिस्ट्री के संबंध में भी मरीजों से काउंसिलिंग की और इसके मुताबिक होम बेस्ड केयर किया गया। इससे रिकवरी की दर तेजी से बढ़ गई।

6 एएमओ जिन्होंने कड़ी मेहनत कर बढ़ाई रिकवरी दर- होम बेस्ड केयर में लगभग आठ हजार पेशेंट रहे।  इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का केयर करना आसान नहीं था। इसके लिए छह एएमओ अर्थात सहायक स्वास्थ्य अधिकारी लगाए गए और इनके साथ  20 जूनियर डॉक्टर और 30 नर्सिंग स्टाफ अटैच किया गया। सभी एएमओ ने 24 घंटे दिन और रात होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की देखभाल की।

डॉ. जागृति चंद्राकर ने  रिसाली में मोर्चा संभाला। दुर्ग में डॉ. रिजवान,  भिलाई लेफ्ट डॉ. सोनिया , डॉ. सतीश राजपूत ने भिलाई 3, खुर्सीपार, चरौदा और कुम्हारी की जिम्मेदारी देखी। ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी चुनौती संभाली डॉ. रामस्वरूप मरकाम ने, डॉ. सुशीला बंजारे ने भिलाई राइट की जिम्मेदारी संभाली।

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