बस्तर

दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर वेबीनार
28-Sep-2020 9:04 PM 7
   दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर वेबीनार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

जगदलपुर, 28 सितंबर। पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आज स्थानीय भाजपा कार्यालय में दीनदयाल उपाध्याय  के विषय पर वेबीनार कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीनिवास मिश्रा रहे।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक व्यक्ति नहीं एक विचार थे,महान चिंतक, दार्शनिक कुशल संगठक, पत्रकार, साहित्यकार थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय 1937 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने ,1945 में पूरे उत्तर प्रदेश के सह प्रांत प्रचारक बने, साहित्यकार के रूप में अपना योगदान दिया था। जब जनसंघ की स्थापना हुई तब पांच कार्यकर्ता राजनीति क्षेत्र के लिए मांगा गया, तब दीनदयाल उपाध्याय पांच कार्यकर्ताओं में एक थे। जिन्हें राजनीति क्षेत्र में काम करने का आह्वान किया गया,1952 में  दीनदयाल उपाध्याय महामंत्री के रूप में नियुक्ति हुए। भारतीय जनसंघ को दीनदयाल उपाध्याय ने पूरे देश में खड़ा किया। 1955 से 1962 तक दीनदयाल उपाध्याय के नेतृत्व में देश में राष्ट्रव्यापी आव्हान चलाया गया, सत्याग्रह आंदोलन भी चलाया,1962 में पश्चिम बंगाल का आंदोलन में अपनी महती भूमिका निभाई,1965 में कच्छ आंदोलन में अपनी महती भूमिका निभाते हुए भारत की भूमि को मुक्त कराया। 1967 में कालीकट के अधिवेशन में भारतीय जनसंघ का दीनदयाल उपाध्याय को अध्यक्ष चुना गया। जनसंघ को पूरे देश में स्थापित किया, मुगलसराय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या की गई। एकात्म मानववाद दर्शन को दीनदयाल उपाध्याय ने आलोकित किया।

 श्री मिश्रा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने जो कृषि बिल लाया है मैं उसका समर्थन करता हूं, एमएसपी को समाप्त नहीं किया गया है ,खुला बाजार व्यवस्था लागू की गई है। अध्यक्षीय भाषण बस्तर जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने दिया।कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह ने किया एवं समापन व आभार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संग्राम सिंह राणा ने किया। विशेष रुप से वेदप्रकाश पांडेय, आईटी सेल के प्रमुख पंकज आचार्य एवं रिंकू शर्मा का योगदान रहा।

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