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सिद्धबाबा धाम के विकास में युवक ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
25-Sep-2020 9:27 PM 7
 सिद्धबाबा धाम के विकास में युवक ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 25 सितंबर। क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक महत्व के स्थल सिद्धबाबा में जहां पोकलेन मशीन से पहाड़ी को काटकर पहाड़ के शिखर पर स्थापित प्राचीनकालीन शिव मंदिर तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है, वहीं सांप्रदायिक सौहार्द्र की अनूठी तस्वीर पेश करते यहां एक युवक के जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है।

सिद्धबाबा पहाड़ी पर प्राचीनकालीन शिव मंदिर स्थापित है। मंदिर जर्जर हालत में पहुंच चुका है, लेकिन मंदिर तक पहुंचने के लिए आज तक सहज रास्ता नहीं होने की वजह से मंदिर का रख-रखाव न होता देख पिछले कुछ समय से जनसहयोग से पोकलेन मशीन से दुर्गम पहाड़ी को काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है, लेकिन इस बीच एक श्रद्धालु युवक ने भक्ति की एक ऐसी मिसाल पेश की है कि हर कोई उसका कायल हो गया है।

 सिद्धबाबा धाम के विकास के लिए समर्पित नगर पंचायत झगराखांड निवासी 30 वर्षीय युवक रहीम खान जिसे सिद्धबाबा मंदिर के पुजारी जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनका शिष्य बताया जाता है, उसके जज्बे को आज सभी लोग सलाम कर रहे हैं। दुर्गम पहाड़ी में जहां खाली हाथ चलना भी कठिन हो, वहां बाबा का यह भक्त बोरी में 15 से 20 ईंट भरकर अपने दोनों हाथों से रोजाना पहाड़ी के शिखर तक पहुंचा रहा है। रहीम खान अब तक 500 ईंट पहाड़ के नीचे से ऊपर मंदिर तक पहुंचा चुका है। युवक के समर्पण ने सिद्धबाबा धाम के विकास के लिए धन से सहयोग करने वालों के अलावा तन-मन से सहयोग करने वालों को प्रेरित किया है।

रहीम खान कहते हंै कि वह इतना सक्षम नहीं कि सिद्धबाबा धाम के विकास के लिए कुछ दान कर सके, लेकिन श्रमदान अवश्य कर सकता है। सिद्धबाबा का कायाकल्प हो, उसका सपना रहा है जो अब साकार होता नजर आ रहा है।

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