गरियाबंद

राजिम, किसानों के लंबित भुगतान का निदान 4 दिनों में राज्यपाल उइके ने दिया आश्वासन
राजिम, किसानों के लंबित भुगतान का निदान 4 दिनों में राज्यपाल उइके ने दिया आश्वासन
Date : 06-Nov-2019

किसानों के लंबित भुगतान का निदान 4 दिनों में राज्यपाल उइके ने दिया आश्वासन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

राजिम, 6 नवंबर। लंबित भुगतान सहित कई मांगों को लेकर सोमवार को राजिम से निकली किसान अधिकार पदयात्रा दूसरे दिन मंगलवार को राजधानी रायपुर पहुंची। दोपहर 2.30 बजे राज्यपाल अनसुइया उइके से किसानों ने भेंटकर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल ने 4 दिनों का समय किसानों से मांगा है और आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही सचिव स्तर की बैठक बुलाकर चर्चा कर इसका निराकरण करेंगी।

ज्ञातव्य हो कि राजिम अंचल के 100 से अधिक किसानों को कृषि उपज मंडी राजिम परिसर में पुलिस एवं प्रशासन ने एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा था तत्पश्चात हंगामा होने के बाद पदयात्रा के लिए अनुमति दी गई। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कृषि उपज खरीदी का बकाया भुगतान मंडी निधि से किया जाना है।

उल्लेखनीय है कि नगर के चंद्रेश राइस मिल ने 45 लाख रुपए के धान खरीदी का भुगतान रोक दिया है। राइस मिलर द्वारा किसानों को दिया गया चेक बाउंस हो गया है। अब राशि देने में राइस मिलर टालमटोल कर रहा है। राज्यपाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए निराकरण करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अन्य मांगो में कृषि उपजों की मंडियों में समर्थन मूल्य से बोली शुरू करने तथा मंडी अधिनियम का पालन करते हुए तौल के 24 घंटे में मंडी परिसर में भुगतान करने, बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति का तत्काल आंकलन कर क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग भी शामिल है।

बताया कि ज्ञापन में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, 22 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने, किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकृत सभी किसानों को शीघ्र भुगतान करने, सभी प्रकार की खाद्यान्नों का सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जनता के बीच वितरण करने, रोजगार गारंटी योजना के कार्यों को कृषि कार्यों एवं उत्पादन के साथ जोडऩे और सार्वजनिक क्षेत्रों की संस्थाओं का निजीकरण बंद करने की मांग भी की गई है।

राज्यपाल से मिलने वाले किसानों में तेजराम साहू, मदनलाल साहू, सोमनाथ साहू, नीलेंद्र सोनबेर, लक्ष्मण साहू, जागेश्वर चंद्राकर, रूपण चंद्राकर, उत्तम साहू आदि शामिल थे।

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