कारोबार
फिर से कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित
रायपुर, 18 अप्रैल। व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी तथा शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय बैठक में संपन्न हुआ।
श्री पारवानी ने बताया कि जिसमें देशभर के 150 से अधिक वरिष्ठ व्यापारी नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस बैठक में वर्ष 2026-2028 के लिए कैट के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया। श्री बी.सी. भारतीया जी को पुन: राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री प्रवीण खंडेलवाल जी को पुन: राष्ट्रीय महासचिव, श्री बृजमोहन अग्रवाल जी को पुन: राष्ट्रीय चेयरमेन, श्री अमर पारवानी जी को पुन: राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन निर्वाचित हुए।
कैट ने बताया कि छत्तीसगढ़ के प्रख्यात व्यापारी नेता एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री पारवानी का पुन: इस महत्वपूर्ण पद पर निर्वाचित होना प्रदेश के 12 लाख व्यापारियों के लिए गर्व एवं सम्मान का विषय है। छत्तीसगढ़ इकाई ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कैट ने बताया कि श्री पारवानी की कुशल नेतृत्व क्षमता, संगठन के प्रति समर्पण एवं व्यापक व्यापारिक अनुभव के कारण उन्हें पुन: यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हितों की निरंतर सशक्त पैरवी हुई है, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान प्राप्त हुई है।
अपने पुनर्निर्वाचन पर श्री पारवानी ने बताया कि यह उपलब्धि मैं छत्तीसगढ़ के 12 लाख व्यापारियों को समर्पित करता हूँ। यह मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है कि मैं देशभर के व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु और अधिक समर्पण के साथ कार्य करूं। यह नियुक्ति न केवल श्री अमर पारवानी के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक समुदाय के लिए एक गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है।


