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रायपुर, 29 जनवरी। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) ने बताया कि रायपुर के कानून एवं आदिवासी अध्ययन केंद्र द्वारा ‘कोइतुर: पीपल ऑफ नेचर’ नामक वार्षिक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया। यह पत्रिका आदिवासी जीवन और संस्कृति को अंतरविषयक तथा विधिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इस पत्रिका का विमोचन न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं एचएनएलयू की सामान्य परिषद के सदस्य द्वारा 26 जनवरी 2026 को आयोजित 5वें डॉ. अंबेडकर स्मृति व्याख्यान के अवसर पर किया गया।
एचएनएलयू ने बताया कि एक प्रमुख विधि विश्वविद्यालय के अंतर्गत परिकल्पित ‘कोइतुर: पीपल ऑफ नेचर’ केवल सांस्कृतिक अभिलेखन तक सीमित न होकर आदिवासी मुद्दों को संवैधानिक, कानूनी एवं नीतिगत ढांचे के माध्यम से प्रस्तुत करती है। इस पत्रिका में अकादमिक शोध, क्षेत्र आधारित अध्ययन तथा समुदाय की आवाज़ों को समाहित करते हुए परंपरागत कानून, वन अधिकार, भूमि एवं संसाधन शासन, स्वशासन, न्याय तक पहुंच तथा आदिवासी ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक विधिक संस्थाओं के अंतर्संबंध जैसे विषयों पर विमर्श किया गया है।
एचएनएलयू ने बताया कियह प्रकाशन विधि विश्वविद्यालय की सामाजिक रूप से प्रतिबद्ध विधि शिक्षा की दृष्टि को भी प्रतिबिंबित करता है, जो विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को आदिवासी पहचान, संस्कृति एवं अधिकारों के संरक्षण में कानून की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने हेतु प्रेरित करता है।


