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भारत में सलाना कितने टन वनस्पति घी का उत्पादन होता है?
30-Sep-2020 11:29 AM 4
भारत में सलाना कितने टन वनस्पति घी का उत्पादन होता है?

भारत प्रतिवर्ष लगभग 10-12 लाख टन वनस्पति घी का उत्पादन करता है जिसमें से वनस्पति खंड ब्रांडेड प्रीमियम का उत्पादन प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख टन है।
वनस्पति खाना पकाने के माध्यम की एक सस्ती किस्म है जिसका घी के एक किफायती विकल्प के रूप में घरों, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों में प्रयोग किया जाता है। यह विशेष रूप से आदि उत्तरप्रदेश, बिहार, उत्तर पूर्व और झारखंड, जैसे घरेलू क्षेत्र में एक लोकप्रिय खाना पकाने माध्यम है।  कोलकाता आधारित रसोई लिमिटेड 50 वर्ष पुरानी वनस्पति ब्रांड है। रसोई भारत में वनस्पति के सबसे भरोसेमंद ब्रांडों और खाद्य तेल में से एक है। रसोई, वनस्पति बाजार में एक प्रमुख कंपनी के रूप में, पूर्वी क्षेत्र में एक मजबूत आधार है और पश्चिम बंगाल में प्रमुख वनस्पति ब्रांड है।  लेकिन अब इमामी  बायोटेक समूह ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है। 

कौन थे  क्षत्रप  
क्षत्रप  शब्द का प्रयोग ईरान से शु्रू हुआ। यह राज्यों के मुखिया के लिए प्रयुक्त होता था। दारा (डेरियस या दरियुव्ह) के समय में राज्यपालों के लिए यह उपाधि प्रयुक्त होती थी। यही बाद में महाक्षत्रप कही जाने लगी। भारत में क्षत्रप शब्द आज भी राजनीति में प्रयोग किया जाता है।
शकों की संयुक्त शासन- प्रणाली में वरिष्ठ शासक को  महाक्षत्रप’ की उपाधि मिलती थी तथा अन्य कनिष्ठ शासक  क्षत्रप’ कहे जाते थे। पश्चिमी क्षत्रपों के मिले सिक्कोंं से पता चलता है कि  महाक्षत्रप- उपाधि’ सबको नहीं मिलती है। इनकी दो शाखाएं थीं और दोनों का आरंभ शक आक्रमणकारियों के सरदारों ने किया।
एक शाखा थी पश्चिमी क्षत्रपों की। ये महाराष्ट्र में थे और कदाचित इनकी राजधानी नासिक थी। इसका सबसे प्रतापी राजा नैहपान था। सातवाहन शासक गौतमी पुत्र सातकर्णी ने इसे परास्त किया।
दूसरी शाखा उज्जैयनी के महाक्षत्रपों की थी। इस शाखा ने 130 ई  से 388 ई  तक राज्य किया। यह राजवंश शीघ्र ही अपना विदेशीपन छोडक़र भारतीय बन गया। उन्होंने हिंदू धर्म ग्रहण किया और संस्कृत को अपनी राजभाषा बनाया। 
 

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