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राइट टू बी फोरगोटन सेवा
राइट टू बी फोरगोटन सेवा
04-Jun-2020 12:47 PM

गूगल ने 29 मई 2014 को यूरोपीय लोगों के लिए  राइट टू बी फोरगोटन  नाम की एक सेवा शुरू की है।  इस सेवा के माध्यम से यूरोपीय लोग उन वेब पृष्ठों के लिंक को हटाने का अनुरोध कर सकते हैं जो उनके निजी जीवन से संबंधित है।

गूगल को यूरोपीय संघ न्यायालय द्वारा 13 मई 2014 के दिशा निर्देश के बाद इस सेवा को प्रारंभ करना पड़ा जिसमें कहा गया था कि सर्च इंजन पर उपस्थित अप्रासंगिक लिंक और पुराने डेटा को अनुरोध पर मिट दिया जाए।  इस सेवा के शुरू होने के बाद यूरोपीय संघ के नागरिक अब अपने से संबंधित जानकारी को हटाने के अनुरोध के लिए एक वेब प्रपत्र भर सकते हैं लेकिन जिस जानकारी को वह हटवाना चाहते है उसके लिए उन्हें जानकारी से संबंधित लिंक और अनुरोध का कारण बताना होगा। उन्हें अपने मूल देश और एक आधिकारिक पहचान पत्र का एक डिजिटल कॉपी संलग्न करके भी मुहैया कराना होगा।

प्रमुख मामला स्पेन के मारियो कोस्टेजा का था जिन्होंने कहा कि जब मैंने गूगल में अपने नाम से खोज की तो मुझे अपने घर को बेचने से संबंधित एक नीलामी नोटिस प्राप्त हुआ जिसका इस्तेमाल समाज कल्याण ऋण को चुकाने के लिए किया गया था। हालांकि वे यह ऋण बहुत पहले ही चुकता कर चुके थे और इसलिए इस सूचना को हटा दिया जाना चाहिए था। इसी निजता के उल्लंघनके फलस्वरुप यूरोपीय संघ न्यायालय ने गूगल को निर्देश दिया और इसके बाद से गूगल ने राइट टू बी फोरगोटन नाम की सेवा शुरू की।

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