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उदसिया ने खेती से बदली किस्मत, घर की बाड़ी से बनीं 'लखपति दीदी'
24-Mar-2026 12:44 PM
उदसिया ने खेती से बदली किस्मत,  घर की बाड़ी से बनीं 'लखपति दीदी'

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 24 मार्च। बिल्हा ब्लॉक के बसिया गांव की उदसिया  देवी ने मन्नत स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी बंजर बाड़ी में जैविक सब्जी उगाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। उन्होंने घर की चारदीवारी से निकलकर न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि 'लखपति दीदी' बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए मिसाल पेश की है।

कभी घर के कामकाज तक सिमटी रहने वाली उदसिया अब न सिर्फ अपने परिवार का हाथ बंटा रही हैं, बल्कि खुद की पहचान भी बना चुकी हैं। उदसिया देवी 'मन्नत स्व-सहायता समूह' से जुड़ीं और यहीं से उनकी जिंदगी का रुख बदल गया। समूह की बैठकों में शामिल होने से उनमें जो आत्मविश्वास जगा, उसने उन्हें कुछ नया करने का हौसला दिया। उन्होंने समूह से छोटा सा कर्ज लिया और अपने घर के पीछे खाली पड़ी जमीन (किचन गार्डन) में सब्जियां उगानी शुरू कर दीं। अपनी दिन-रात की मेहनत और लगन से उन्होंने बंजर दिखने वाली जमीन को हरा-भरा कर दिया। आज उनके बगीचे की ताजी और बिना खाद-दवाई वाली सब्जियों की भारी मांग है, जिससे उनकी अच्छी-खासी कमाई हो रही है।

उदसिया  अपनी इस सफलता का बड़ा श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की योजनाओं को देती हैं। उनका कहना है कि सरकारी मदद और सही मार्गदर्शन ने ग्रामीण महिलाओं के लिए तरक्की के द्वार खोल दिए हैं। वे कहती हैं कि पहले मैं सिर्फ घर की चारदीवारी में रहती थी, पर समूह से जुड़कर मुझमें नई ऊर्जा आ गई है। अब मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ और 'लखपति दीदी' बनने की राह पर हूं।
आज उदसिया देवी को देखकर गाँव की अन्य महिलाएं भी स्वावलंबी बनने का सपना देख रही हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों के चलते उदसिया जैसी हजारों महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि समाज और परिवार के विकास में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।


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