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तमिलनाडु के युवा ने सबसे लंबी जीभ रखने का बनाया रिकॉर्ड, करते हैं ऐसे करतब
23-Jun-2021 5:06 PM (91)
तमिलनाडु के युवा ने सबसे लंबी जीभ रखने का बनाया रिकॉर्ड, करते हैं ऐसे करतब

 

तमिलनाडू के विरुथुनगर जिले के थिरुथंगल के निवासी के. प्रवीण को सबसे लंबी जीभ के लिए प्रमाणित किया गया है. उनकी जीभ सिरे से पीछे के हिस्से तक 10.8 सेंटीमीटर लंबी है, जबकि एक पुरुष के जीभ की औसतन लंबाई लगभग 8.5 सेंटीमीटर ही होती है. 20 वर्षीय बीई रोबोटिक्स के छात्र ने भारत में सबसे लंबी जीभ रखने, अपनी जीभ से मशहूर लोगों की पेंटिंग बनाने और तमिल वर्णमाला लिखने के लिए इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाई है. आपको बता दें कि प्रवीण गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह बनाने के लिए खुद को ट्रेनिंग दे रहे हैं. प्रवीण अपनी जीभ से पेंटिंग करने का एक अनोखा तरीका भी जानते हैं. वह अपनी जीभ के आधे हिस्से को ढकने के लिए दस्ताने के एक छोटा से टुकड़े का इस्तेमाल करते हैं और फिर एक चार्ट पेपर में तमिल पत्र लिखना शुरू करते हैं. उन्होंने भारत के दिवंगत राष्ट्रपति अब्दुल कलाम सहित कई नेताओं के चित्र बनाए हैं.

प्रवीण अपनी जीभ से बहुत ही सुंदर पेंटिंग करते हैं और अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन भी करते हैं जैसे कि अपनी जीभ से तमिल पत्र लिखना, अपनी नाक को कई बार जीभ से छूना, कोहनी को जीभ से छूना. अधिकतर पुरुषों के जीभ की लंबाई औसतन 8.5 सेंटीमीटर तक होती है और महिलाओं की जीभ 7.9 सेंटीमीटर लंबी होती है. वर्तमान में, दुनिया में सबसे लंबी जीभ का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड 10.1 सेंटीमीटर है.

वहीं प्रवीण की जीभ 10.8 सेंटीमीटर लंबी है और वह अपनी जीभ से पेंटिंग बनाने और लिखने जैसे विभिन्न करतब करते रहते हैं. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार प्रवीण की जीभ भारत में सबसे लंबी, 10.8 सेंटीमीटर है, जो एक मिनट में औसतन 110 बार अपनी नाक को छूती है. साथ ही एक मिनट में औसतन 142 बार अपनी कोहनी को छूती है और तमिल भाषा में 1 घंटा 22 मिनट 26 सेकेंड में सभी 247 अक्षर लिखती है.

उन्होंने एक मिनट में 219 बार नाक छूने के लिए अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर ग्रैंड मास्टर ऑफ द एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का खिताब अपने नाम किया है. न्यूज 18 से बात करते हुए, प्रवीण ने कहा- भले ही मेरी उपलब्धियां भारत में दर्ज की गई हैं, फिर भी मैं अपनी प्रतिभा को दुनिया भर में ले जाना चाहता हूं. यह तभी संभव होगा जब तमिलनाडु सरकार मुझे सहायता प्रदान करे, क्योंकि वित्तीय सहायता की कमी के कारण मैं विश्व स्तर पर अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं कर सकता.

तमिल भाषा के प्रति मेरे आकर्षण के कारण आने वाले दिनों में, मेरा लक्ष्य सभी 1330 तिरुक्कुरल को लिखकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाना है. प्रवीण ने आगे बताया- मैं अपनी जीभ से अपनी पलकों को छूने के लिए भी कड़ी मेहनत कर रहा हूं. मैं निश्चित रूप से इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल करूंगा और तमिलनाडु का गौरव बढ़ाऊंगा. (news18.com)

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