खेल
-वात्सल्य राय
"हम टूर्नामेंट में बोझ लेकर आगे नहीं जा सकते. अच्छी टीमें पुरानी नाकामी भुलाकर नई चुनौतियों की तरफ़ बढ़ती हैं."
ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पाकिस्तान और ट्रॉफी के बीच दीवार बनकर खड़े हो गए बेन स्टोक्स (नाबाद 52 रन और एक विकेट) ने ये बात टूर्नामेंट में आयरलैंड के हाथों को इंग्लैंड को मिली हार को याद करते हुए कही.
बारिश से भीगे मैच में ये ऐसा उलटफ़ेर था जिसके बाद इंग्लैंड टीम के पतन की कहानियां लिख दी गईं.
लेकिन आयरलैंड के ख़िलाफ़ पांच रन से हार झेलने वाली इंग्लिश टीम ने 26 अक्टूबर के उस मैच के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, भारत और आखिर में रविवार को मेलबर्न के मैदान पर पाकिस्तान को पीटकर वर्ल्ड कप हासिल कर लिया. स्टोक्स वही कहानी याद दिला रहे थे.
पाकिस्तान पर जीत के बाद वर्ल्ड कप कप्तान जोस बटलर को थमाया गया. फ़ाइनल में मैन ऑफ़ द मैच सैम करन चुने गए लेकिन तमाम लोगों ने मैच का सबसे बड़ा हीरो बेन स्टोक्स को माना.
सैम करन ने भी कहा, "बेन स्टोक्स ने जैसा खेल दिखाया.. (उसके बाद)... मुझे नहीं लगता कि मुझे ये (मैन ऑफ़ द मैच) मिलना चाहिए था."
क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन ने फ़ाइनल देखने के बाद आज के दौर के तमाम आला क्रिकेट खिलाड़ियों से कह दिया कि वो बेन स्टोक्स के लिए रास्ता खाली कर दें.
एक और क्रिकेट समीक्षक हर्षा भोगले की राय भी ज़्यादा अलग नहीं है.
फ़ाइनल मैच के बाद हर्षा भोगले ने ट्विटर पर सवाल किया, "क्या वर्ल्ड क्रिकेट में प्रेशर के दौरान बेन स्टोक्स से बेहतर कोई खिलाड़ी है."
हार के बाद ही जीत है...
फैन्स तो खैर स्टोक्स पर निसार थे ही. वो ट्विटर के टॉप ट्रेंड में थे. स्टोक्स को लेकर दिखी दीवानगी में बात सिर्फ़ इतनी सी नहीं थी कि फ़ाइनल में वो इंग्लैंड को जीत दिलाने के लिए अड़ गए.
बात उस खूबी की थी जिसका ज़िक्र आयरलैंड के ख़िलाफ़ इंग्लैंड की हार की बात आने पर स्टोक्स ने ख़ुद किया.
स्टोक्स की कामयाबी की कहानी सीधी नहीं है. 2016 में वेस्ट इंडीज़ की टीम ने उनके हाथ से ही ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप छीन लिया था.
कोलकाता के ईडेन गार्डन्स मैदान में खेले गए उस फ़ाइनल मुक़ाबले में वेस्ट इंडीज को आखिरी ओवर में जीत के लिए 19 रन की दरकार थी. वेस्ट इंडीज़ के छह विकेट गिर चुके थे. मॉर्लन सैमुअल्स को छोड़कर सभी टॉप बल्लेबाज़ आउट हो चुके थे.
इंग्लैंड का पलड़ा भारी माना जा रहा था. तब इंग्लैंड के कप्तान रहे इयॉन मोर्गन ने आखिरी ओवर डालने की ज़िम्मेदारी बेन स्टोक्स को दी.
कई लोगों ने तब उन्हें इंग्लैंड की 'हार का सबसे बड़ा मुजरिम' बताया था.
अपनी परिभाषा के मुताबिक स्टोक्स जानते हैं कि बेस्ट टीम ही नहीं बेस्ट प्लेयर भी 'बोझ लेकर आगे नहीं बढ़ते.'
शायद इसीलिए हार का ग़म, वर्ल्ड कप गंवाने की टीस और चार गेंदों की नाकामी को उन्होंने इडेन गार्डन्स मैदान छोड़ते वक़्त ही पीछे छोड़ दिया. 'हार के प्रेत' को वो कंधे पर लेकर आगे नहीं गए.
ये ही स्टोक्स ही थे जो 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दीवार बन गए. नाबाद 84 रन बनाकर मैच टाई कराया. फिर सुपर ओवर भी टाई रहा तो मैच का फ़ैसला स्टोक्स के लगाए चौके-छक्कों की वजह से ही इंग्लैंड के हक़ में गया.
लेकिन वो वनडे की बात थी. ट्वेंटी-20 फॉर्मेट के वर्ल्ड कप में टीम का जो कर्ज़ बाकी था, उन्होंने उसे रविवार को मेलबर्न में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में उतार दिया.
छोटा लक्ष्य-बड़ी चुनौती
पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए सिर्फ़ 138 रन की चुनौती पेश की थी. छोटा सा दिखने वाला ये लक्ष्य तब बड़ा नज़र आने लगा जब इंग्लैंड ने सात रन पहला और 32 रन पर दूसरा विकेट गंवा दिया.
आउट होने वाले बल्लेबाज़ थे सेमीफ़ाइनल में भारत के ख़िलाफ़ जीत के हीरो रहे एलेक्स हेल्स और फिल साल्ट.
बेन स्टोक्स को चौथे ही ओवर में बल्लेबाज़ी के लिए मैदान पर आना पड़ा. स्टोक्स ने बस खाता ही खोला था कि कप्तान बटलर भी पैवेलियन लौट गए. ये छठा ओवर था. अब स्कोर हो गया तीन विकेट पर 45 रन.
पाकिस्तान के बॉलर गेंद से शोले उगलने लगे थे. फ़ील्डरों की चुस्ती अचानक बढ़ गई थी और जीत दूर नज़र आने लगी थी.
मैच में शानदार गेंदबाज़ी करने वाले इंग्लैंड के स्पिनर आदिल रशीद ने उस मौके को याद करते हुए कहा, "रन चेज के समय हम नर्वस थे."
मैच कांटे का हो गया था और दोहरे उछाल वाली पिच पर पाकिस्तान टीम 1992 का करिश्मा दोहराने का इरादा बनाने लगी.
लेकिन, स्टोक्स इस बार पकड़ ढीली करने को तैयार नहीं थे. उन्होंने हैरी ब्रूक के साथ चौथे विकेट के लिए 42 गेंद पर 39 रन जोड़े. इस साझेदारी में रन बनाने की रफ़्तार धीमी थी लेकिन स्टोक्स ने इंग्लैंड को जीत की राह पर बनाए रखा.
ब्रूक 13वें ओवर में आउट हुए तब इंग्लैंड का स्कोर था 84 रन. अब भी जीत 54 रन दूर थी और पाकिस्तान के खिलाड़ी हर एक रन के लिए लड़ रहे थे.
इस बीच किस्मत ने स्टोक्स का साथ दिया. 14वें ओवर हारिस रऊफ़ उन्हें आउट करने का मौका नहीं भुना पाए. वो तब 20 रन पर थे.
स्टोक्स ने इसके बाद पाकिस्तान को कोई मौका नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने गियर बदला. पाकिस्तान के टॉप बॉलर रऊफ़ पर चौका जड़ा.
16वें ओवर में शाहीन शाह आफ़रीदी चोटिल होकर मैदान से बाहर गए और स्टोक्स ने इसी मौके पर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया. आफ़रीदी के ओवर बाकी गेंद डाल रहे इफ़्तिखार अहमद की लगातार दो गेंदों पर उन्होंने एक चौका और एक छक्का जड़ा.
इससे मोइन अली का भी जोश बढ़ा और उन्होंने मोहम्मद वसीम के ओवर में तीन चौके जमा दिए. मोइन इसके बाद ज़्यादा देर तक विकेट पर नहीं टिके लेकिन स्टोक्स तब तक मैच का पलड़ा इंग्लैंड की तरफ झुका चुके थे.
19वें ओवर में स्टोक्स ने मोहम्मद वसीम पर चौका जमाकर हाफ सेंचुरी पूरी की. ये ट्वेंटी-20 फॉर्मेट में उनकी पहली हाफ सेंचुरी है. वो भी ऐसे वक़्त आई जो टीम के लिए सबसे अहम था.
अगली गेंद पर एक और रन लेकर उन्होंने इंग्लैंड को ट्वेंटी-20 फॉर्मेट का सिंकदर बना दिया.
कप्तान जोस बटलर ने स्टोक्स के प्रदर्शन की जमकर तारीफ़ की. बटलर ने कहा, "वो (स्टोक्स) जबरदस्त मुक़ाबलेबाज़ हैं. वो जो भी करते हैं (उसमें छा जाते हैं). उनके पास काफी अनुभव है. उन्होंने बेहतरीन तरीके से अपनी पारी को आगे बढ़ाया. उन्होंने मोइन के साथ मिलकर पाकिस्तान से मैच छीन लिया."
पूरी हुई कहानी
फैन्स और समीक्षक उनके प्रदर्शन पर फिदा थे लेकिन स्टोक्स जीत का क्रेडिट लेने से परहेज करते रहे.
उन्होंने कहा, "फ़ाइनल में जहां आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हों, वहां आप पहले की गई कड़ी मेहनत को भूल जाते हैं. उन्हें (पाकिस्तान को) 137 रन पर रोकने के लिए गेंदबाज़ों को श्रेय दिया जाना चाहिए."
इंग्लैंड के लिए सैम करन ने सिर्फ 12 रन देकर तीन विकेट लिए और आदिल रशीद ने सिर्फ़ 22 रन खर्च करके दो विकेट लिए.
मैन ऑफ़ द मैच चुनने वालों को भी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी सैम करन ही नज़र आए लेकिन सैम करने के लिए मैच के हीरो बेन स्टोक्स रहे.
उन फैन्स और समीक्षक के लिए हीरो स्टोक्स ही थे जिन्होंने उन्हें 2016 में कप गंवाने के बाद रोते और रविवार की रात पाकिस्तान से मैच छीनकर उस अधूरी कहानी को पूरा करते देखा.(bbc.com/hindi)


