राजनांदगांव

ऐसे कार्य करें कि देश के महान साहित्यकारों की श्रृंखला में नांदगांव से और भी नाम जुड़े- कोठारी
14-Dec-2025 3:34 PM
ऐसे कार्य करें कि देश के महान साहित्यकारों की श्रृंखला में नांदगांव से और भी नाम जुड़े- कोठारी

 रायपुर साहित्य उत्सव : आदि से
अनादि तक का आयोजन 23 से
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 दिसंबर।  
रायपुर साहित्य उत्सव : आदि से अनादि तक का आयोजन आगामी 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर में किया जा रहा है। इसी कड़ी में नांदगांव संस्कृति एवं साहित्य परिषद एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़़ संस्कृति परिषद द्वारा शनिवार को प्रेस क्लब में परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार  सुशील कोठारी   व अध्यक्षता  साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने  की। विशिष्ट अतिथि पुरातत्वविद डॉ. आरएन विश्वकर्मा, विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. शंकर मुनि राय एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुशील कोठारी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और हर स्थिति में समाज को साहित्य से मार्गदर्शन मिलता है। देश के तीन महान साहित्यकार श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र का नाम लेकर हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं। इन नामों के साथ और भी नाम जुड़े ऐसा कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पढऩे की आदत धीरे-धीरे छूट रही है। उन्होंने राजनांदगांव में साहित्य की परंपरा पर चर्चा करते बताया कि दिग्विजय कॉलेज साहित्यकारों की कर्मभूमि रही है। उन्होंने डॉ. मलय, डॉ. शरद गुप्ता, नंदुलाल चोटिया एवं अन्य साहित्यकारों का स्मरण किया।
साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने कहा कि 23 से 25 जनवरी  तक नवा रायपुर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से मन झंकृत होता है और नये विचार पल्लिवत होते है।  उन्होंने कहा कि राजनांदगांव देश के तीन महान साहित्यकार श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की कर्म भूमि रही है।
पुरातत्वविद डॉ. आरएन विश्वकर्मा ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास को जानने के लिए साहित्य एवं संस्कृति को समझना पड़ता है। विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. शंकर मुनि राय ने कहा कि साहित्य मनुष्यता पैदा करती है और समझाती है कि आदमी, आदमी के लिए बना है। चेयरमेन अध्ययन बोर्ड (मानविकी) सीएसवीटीयू डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा ने कहा कि राजनांदगांव साहित्यकारों का शहर है। उन्होंने जिले के साहित्यकारों की जानकारी दी तथा बताया कि राजनांदगांव में वाचिक परंपरा का प्रभाव रहा है। इस अवसर पर साहित्यकार अखिलेश चंद्र तिवारी, डॉ. विरेन्द्र बहादुर सिंह, अब्दुस्सा सलाम कौसर, डॉ. दादुलाल जोशी, शत्रुहन सिंह राजपूत, पद्मलोचन शर्मा, मुन्ना बाबू एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने किया।


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