रायपुर

कांग्रेस के वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त होने पर इस्तीफे शुरू
11-Apr-2026 6:46 PM
कांग्रेस के वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त होने पर इस्तीफे शुरू

टकराव जैसा कुछ नहीं है-मेनन

कांग्रेस में अनुशासन नहीं आ सकता- अनुराग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 11अप्रैल। राजधानी शहर जिला कांग्रेस के 70 वार्डों के लिए अध्यक्षों की सूची 2 घंटे से चले तर्क वितर्क के बाद प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने अंतत: निरस्त कर दी। उन्होंने आदेश जारी कर कहा है कि बिना पीसीसी की अनुमति से शहर अध्यक्ष ने जारी किया है। इसे प्रदेश नेतृत्व और शहर ईकाई के बीच टकराव बताया जा रहा है।

 सूची रद्द होने के बाद  कांग्रेस में इस्तीफों की शुरुआत हो गई है।35 वर्षौं से कांग्रेस से जुड़े दिनेश ठाकुर ने प्रदेश नेतृत्व के इस निर्णय पर इस्तीफा दे दिया है। यह सूची पूर्व विधायक अरूण वोरा और शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने बनाई थी। इससे पहले जारी सूची में 70 वार्डों में से 13 वार्डों में दो अध्यक्ष की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके पीछे वार्ड का बड़ा और विस्तारित होने को कारण बताया गया है। इसे पुराने भरोसेमंद चेहरों के साथ नई ऊर्जा का समावेश भी कहा जा रहा है। लेकिन रात 9 बजे सूची बाहर आते ही उस पर बवाल मचा और निरस्त करनी पड़ी।

इस पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर में कहा कि प्रकिया होती है।उसका पालन करना चाहिए। इस मामले में भी पहले गठन होता है, फिर नियुक्ति सूची जारी करने के लिए पीसीसी, प्रभारी महामंत्री, इंचार्ज छत्तीसगढ़ को भेजना होता है।इस प्रक्रिया से सबको जाना पड़ेगा।

जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि

टकराव जैसा कुछ नहीं है, वह दीपक बैज और पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे।  सभी मुद्दों को आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर में कहा कि प्रकिया होती है।उसका पालन करना चाहिए। इस मामले में भी पहले गठन होता है, फिर नियुक्ति सूची जारी करने के लिए पीसीसी, प्रभारी महामंत्री, इंचार्ज छत्तीसगढ़ को भेजना होता है।इस प्रक्रिया से सबको जाना पड़ेगा।

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और डिप्टी सीएम अरूण साव ने इस विवाद पर कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर आपसी खींचतान और नेतृत्व की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन और तय प्रक्रिया का अभाव है, जहां निर्णय बार-बार बदले जाते हैं। जो नेता पावर में आता है वो अपना कानून अपने हिसाब से चलाते हैं। जिला अध्यक्ष ने सूची बनाई, उसे प्रदेश अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष बनाएंगे, तो जिला अध्यक्ष निरस्त कर देंगे तो ये खेल चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि, कार्यकर्ताओं की इज्जत, कांग्रेस नेताओं के डिक्शनरी में नहीं है।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता दाऊ अनुराग अग्रवाल ने वीडियो बयान में कहा कि जब सत्ता थी तब भ्रष्टाचार के बंटवारे को लेकर कांग्रेस लड़ते थे , अब संगठन में शक्ति के बंटवारे लिए उनके झगड़े होते हैं। झगड़ा तो कांग्रेस की संस्कृति नहीं हक बनते जा रहा है।संगठन निर्माण में कांग्रेस बीजेपी की नकल तो कर सकती है परंतु सेवा समर्पण अनुशासन कभी नहीं ला सकती।


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