रायगढ़

एनटीपीसी लारा में नहीं पहुंचे पौने 6 सौ कोयले से लदे वाहन
03-May-2026 9:47 PM
एनटीपीसी लारा में नहीं पहुंचे पौने 6 सौ कोयले से लदे वाहन

सीबीआई कर रही है जांच, कंपनी के अफसरों पर दर्ज है एफआईआर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 3 मई। रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में संचालित एनटीपीसी लारा में कोयले के परिवहन मामले में लगे 575 वाहनों का कोयला नहीं पहुंचने के मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करके इसकी जांच कर रही है और यह मामला लगभग तीन साल पुराना है, जब जांच के दौरान कोयला परिवहन में लगे ट्रांसपोर्टरों और एनटीपीसी कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत करके 575 टेलर से लदी कोयला गाड़ी जो एनटीपीसी लारा न पहुंचकर रास्ते में ही गायब हो गई थी।

इस मामले में जब शिकायत सामने आई तब सीबीआई तक यह मामला पहुंचा और 6 महीने पहले इसकी जांच प्रारंभ हुई, जानकार सूत्रों के अनुसार मामला तीन साल पुराना है और एनटीपीसी लारा के बड़े अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीबीआई को इसकी शिकायत सौंपी थी जिसके बाद घोटाले में शामिल एनटीपीसी के कई अधिकारियों सहित ट्रांसपोर्टरों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि तीन साल पुराने इस मामले में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आएं है जिसको लेकर ट्रांसपोर्टरों में हडक़ंप मचा हुआ है।

जब तलाईपाली माइंस से कोयले का उत्पादन कम हो रहा था, तब एनटीपीसी के लारा प्लांट को दूसरे खदानों से कोयले की आपूर्ति की जाती थी। तब रेल मोड से ज्यादा रोड से परिवहन होता था। इस दौरान एनटीपीसी लारा प्रबंधन को संदेह हुआ कि कोयले के स्टॉक में हेराफेरी की जा रही है। जितने ट्रक ट्रेलर एनटीपीसी लारा प्लांट के लिए निकलते हैं, उतने वहां पहुंचते नहीं। रिकॉर्ड में भिन्नता पाई गई। 28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच की अवधि में जांच की गई तो दस्तावेजी प्रमाणों ने सब कुछ उगल दिया। वित्तीय प्रबंधन विभाग ने जांच की तो पाया कि 575 ट्रेलर कोयला लेकर लारा प्लांट पहुंचे ही नहीं।

सीआईएसएफ व एनटीपीसी अफसरों की सेटिंग

सीआईएसएफ के भरोसे एनटीपीसी लारा की सुरक्षा है। प्लांट एंट्री गेट में रजिस्टर में सीआईएसएफ के जवान ही गाडिय़ों की एंट्री करते हैं। एनटीपीसी प्रबंधन ने वित्त विभाग के रिकॉर्ड और गेट के दस्तावेज मिलान किए तो खुलासा हुआ। 28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच 575 ट्रेलरों का कोई हिसाब नहीं मिला। सिर्फ अक्टूबर 2023 में ही 154 ट्रेलर कोयला गायब मिले। इसके बाद अधिकारी हरकत में आये और विजिलेंस की टीम ने इसकी जांच शुरू की जिसके बाद यह पूरा मामला सीबीआई तक पहुंचा।

इस मामले में एनटीपीसी लारा के जनसंपर्क अधिकारी बीपी साहू से जब चर्चा की तो उन्होंने बताया कि ये मामला तीन साल पुराना है और सीबीआई ने 6 माह पहले इसमें एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला सीबीआई की जांच में है और इसमें उनका टिप्पणी करना उचित नही है।


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