रायगढ़

पत्नी की हत्या : 7 साल कैद
15-Mar-2026 3:54 PM
पत्नी की हत्या : 7 साल कैद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 15 मार्च। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने हत्या के मामले में आरोपी भीष्म तूरी को 7 वर्ष के सश्रम करावास की सजा सुनाई तथा 1000 जुर्माने से दण्डित करने का दण्डा देश सुनाया। मामले का संक्षिप्त विवरण बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया।

थाना कापू जिला रायगढ़ अंतर्गत ग्राम कुंभी चूंआ निवासी मृतिका माना बाई के भाई धनीराम तुरी ने 3 फरवरी 2022 को थाना कापू में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया की 2 फरवरी 2022 की रात्रि में ग्राम कुंभी चूंआ में उसकी दीदी माना बाई जीजा भीष्म तुरी एवं उनकी माता तिलाई बाई आंगन में आग जलाकर ताप रहे थे। इसी दौरान आरोपी भीष्म तूरी एवं उसकी पत्नी माना बाई के मध्य खाना सब्जी बनाने की बात को लेकर विवाद होने लगा, विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर भीष्म तूरी ने जलता हुआ अंगेठा उठा कर अपनी पत्नी माना बाई के सिर में प्राण घातक हमला कर दिया जिससे माना बाई वही घायल हो कर गिर गई और तत्काल  वहीं पर उसकी मृत्यु हो गई। उक्त सूचना के आधार पर थाना कापू में अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

विवेचना पूर्ण होने पर आरोपी भीष्म तूरी को अपनी पत्नी माना बाई की हत्या करने के मामले में धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा मामले में विचारण के दौरान प्रकरण के सभी साक्षियों के बयान लेख बद्ध कराए गए तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण कर प्रकरण में गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए आरोपी भीष्म तूरी को उसकी पत्नी का गैर इरादतन तरीके से हत्या करने के कारण धारा 302 के स्थान पर धारा 304 भाग 2 के तहत दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 के अर्थ दंड से दंडित करने का दण्ड आदेश दिया।

न्यायालय ने मृतिका माना बाई  के आश्रितों को क्षतिपूर्ति दिए जाने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिवत कार्यवाही किए जाने की अनुशंसा की है। प्रस्तुत मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।


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