राष्ट्रीय
श्रीनगर, 2 जून । पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर एकजुट होने और केंद्र सरकार के साथ सार्थक संवाद की पहल करने की अपील की है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस समय एक ऐसे नाजुक मोड़ पर खड़ा है, जहां निराशा और अनिश्चितता का माहौल लोगों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में राजनीतिक नेतृत्व को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता के हित में एक साझा मंच तैयार करना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की शांति, सुरक्षा और गरिमा की बहाली के लिए भारत सरकार के साथ सच्ची और निरंतर बातचीत बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाजपा नेता सुनील शर्मा, कांग्रेस के तारिक कर्रा सहित अन्य प्रमुख नेताओं को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से संयुक्त रूप से मिलने की अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस द्वारा केंद्र सरकार के साथ बातचीत के जरिए हासिल की गई हालिया सफलताएं इस बात का प्रमाण हैं कि संवाद से ही सार्थक समाधान निकल सकते हैं। उन्होंने लिखा कि जम्मू-कश्मीर में भी मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति आवश्यक है। मुफ्ती ने कहा कि क्षेत्रीय दलों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने, विशेष रूप से 2019 के बाद, जम्मू-कश्मीर के सामूहिक हितों को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में सभी दलों को राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर उठकर लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एक मंच पर आना चाहिए।
महबूबा मुफ्ती ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सभी राजनीतिक दलों की एक औपचारिक बैठक बुलाएं, ताकि केंद्र सरकार के साथ संवाद शुरू करने के लिए साझा रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक श्रेय लेने का नहीं, बल्कि जनता के व्यापक हित में एकजुट होकर काम करने का है। इस बीच, महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख के राजनीतिक नेतृत्व ने एकजुटता का जो उदाहरण पेश किया है, उससे जम्मू-कश्मीर के नेताओं को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश राज्य की राजनीति अक्सर आपसी मतभेदों और टकराव से प्रभावित रही है, जबकि मौजूदा परिस्थितियों में एकजुट प्रयासों की आवश्यकता है। इल्तिजा ने कहा कि केवल निरंतर और सार्थक बातचीत के माध्यम से ही जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा को पुनर्स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महबूबा मुफ्ती की अपील का समर्थन करने और केंद्र के साथ संवाद की दिशा में संयुक्त प्रयास करने का आग्रह किया। महबूबा मुफ्ती ने अपने संदेश में कहा कि यदि लद्दाख के विभिन्न संगठन साझा हितों के लिए एकजुट होकर केंद्र से संवाद कर सकते हैं, तो जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल भी ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल मिलकर एक शांतिपूर्ण, गरिमापूर्ण और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। -- (आईएएनएस)


