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'काश मैंने ये सर्जरी पहले कराई होती', ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के ट्रेंड बढ़ने की कहानी
23-May-2026 4:08 PM
'काश मैंने ये सर्जरी पहले कराई होती', ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के ट्रेंड बढ़ने की कहानी

रनविया आज भी उस घटना को याद कर परेशान हो जाती हैं, जब वह सिर्फ़ 11 साल की थीं और एक आइसक्रीम बेचने वाले ने उन्हें देखकर भद्दी सीटी बजाई थी.

उनका शरीर उम्र से पहले ही असामान्य रूप से विकसित होने लगा था.

उसी समय से उन्हें महसूस होने लगा कि उनके स्तनों के आकार से लोग उन्हें अलग नज़र से देख रहे हैं. इस वजह से वह ख़ुद को भी अलग तरह से देखने लगी थीं.

स्कूल में भी इसे लेकर उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था.

रनविया कहती हैं, "मैं अब भी एक बच्ची थी, लेकिन अचानक मेरे शरीर के ये दो हिस्से ऐसे बन गए थे जिनकी वजह से लोग मेरी ओर ध्यान देने लगे थे. लेकिन मैं भावनात्मक तौर पर इसके लिए तैयार नहीं थी.''

इंग्लैंड के लीसेस्टर में एक दक्षिण एशियाई परिवार में पली-बढ़ीं रनविया को याद है कि उन्हें कितनी 'शर्मिंदगी' महसूस होती थी. क्योंकि वह अपने स्कूल की दूसरी लड़कियों की तरह कपड़े नहीं पहन पाती थीं.

वह कहती हैं, "मैं कुछ ख़ास कपड़े नहीं पहन सकती थी क्योंकि मेरे स्तन बहुत उभरकर दिखते थे. मेरी मां घबरा जाती थीं और कहती थीं, ''तुम यह नहीं पहन सकती."

इसका असर सिर्फ़ मानसिक नहीं, शारीरिक भी था.

रनविया को पीठ में दर्द रहता था.

एडीएचडी (अटेंशन डेफ़िसिट हाइपएक्टिविटी डिसऑर्डर) होने की वजह से उन्हें हर समय अपने शरीर का अहसास और उससे जुड़ी भावनात्मक बेचैनी और ज़्यादा परेशान करती थी.

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान लगाने, शांत बैठने और अपने व्यवहार या आवेगों को काबू करने में मुश्किल होती है.

25 साल की उम्र तक उनका वजन 50 किलो था. लेकिन ब्रा का साइज 32 जेजे तक पहुंच गया था. इसने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था.

वह कहती हैं, मुझे फेसबुक पर ब्रेस्ट रिडक्शन यानी स्तन का साइज घटाने वाली सर्जरी से जुड़ा एक ग्रुप मिला. इसमें लगभग 6,000 सदस्य थे.

ब्रेस्ट इम्प्लांट कराने वाली महिलाओं की संख्या घटी

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के ज़रिये सर्जरी के बारे में जवाब आने का इंतज़ार करते हुए उन्होंने इसी ग्रुप से ज़्यादतर जानकारी जुटाई.

रनविया कहती हैं, " इस ग्रुप पर महिलाएं बार-बार ये कह रही थीं कि 'काश मैंने यह सर्जरी पहले करा ली होती."

डॉक्टर से मिलने के छह महीने बाद भी एनएचएस की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया, तो उन्होंने प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी कराने का फ़ैसला किया.

सर्जरी के कुछ महीनों बाद एनएचएस ने उन्हें बताया कि वह ये ऑपरेशन करा सकती हैं.

ब्रेस्ट सर्जन लिंडसे हाइटन के मुताबिक़ ऐसा सिर्फ़ "बेहद ख़ास परिस्थितियों' में ही होता है.

रनविया का बॉडी मास इंडेक्स काफ़ी कम होने की वजह से उन्हें मंजूरी मिली.

रनविया उन हज़ारों महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने ब्रिटेन में निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराई है.

ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन्स (बीएएपीएस) के मुताबिक़ यह प्रक्रिया तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है.

रनविया कहती हैं, "जब मैं सर्जरी के बाद उठी और नीचे देखा, तो पहली बार मुझे अपना पेट दिखाई दिया. मैं रो पड़ी. इतने सालों से मैं एक शारीरिक और मानसिक बोझ ढो रही थी और अचानक मुझे लगा कि अब मैं ख़ुद को देख पा रही हूं."

बीएएपीएस के अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक़ पहली बार ऐसा हुआ है कि ब्रेस्ट रिडक्शन और इम्प्लांट हटाने वाली महिलाओं की कुल संख्या, स्तनों का आकार बढ़ाने वाली महिलाओं से ज़्यादा हो गई है.

2025 में ब्रिटेन में ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी के मामलों में आठ फ़ीसदी की गिरावट आई है.

बीएएपीएस की अध्यक्ष नोरा न्युजेंट का मानना है कि यह बदलाव "बहुत ज़्यादा उभरे हुए शरीर" से हटकर अधिक स्वाभाविक शरीर की ओर बढ़ती सोच को दिखाता है.

पॉडकास्ट 'द ब्यूटी क्रॉनिकल्स' की प्रजेंटर मिरडिथ जोन्स कहती हैं, ''वजन घटाने वाली दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल ने भी "बहुत पतले शरीर" की ओर लोगों का रुझान बढ़ाया है.

मैनचेस्टर में एनएचएस की ब्रेस्ट कंसल्टेंट और निजी सर्जन लिंडसे हाइटन कहती हैं, ''यह बदलाव थोड़ा बहुत ट्रेंड से जुड़ा ज़रूर है, लेकिन ज़्यादातर महिलाओं की प्राथमिकता अब शरीर की कार्यक्षमता है. यानी वे आराम से चल-फिर सकें और आत्मविश्वास महसूस करें.''

'सुंदर दिखने से ज़्यादा ज़िंदगी बेहतर बनाना ज़रूरी'

ग्रेटर मैनचेस्टर की 54 वर्षीय सू ने कई साल तक स्तनपान कराने के बाद इम्प्लांट लगवाए थे, लेकिन बाद में उन्हें लगने लगा कि वह उस सोच से आगे निकल चुकी हैं.

सू कहती हैं, "वे बहुत भारी महसूस होते थे. मैं फिर से फ़िट होना चाहती थी लेकिन लगता था जैसे शरीर पर कोई अतिरिक्त बोझ है."

हालांकि प्राइवेट ब्रेस्ट सर्जरी सस्ती नहीं होती. इसकी क़ीमत अलग-अलग शहरों में अलग है.

मैनचेस्टर में सू ने 2025 में अपने इम्प्लांट हटवाने के लिए करीब 9,500 पाउंड खर्च किए.

वहीं रनविया की सर्जरी पर लगभग 8,000 पाउंड खर्च हुए, जिसे उन्होंने तीन साल तक ईएमआई पर चुकाया.

एनएचएस के मुताबिक़ ब्रिटेन में प्राइवेट क्लीनिक में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी की क़ीमत लगभग 6,500 पाउंड होती है. इसमें कंस्लटेंसी और बाद की देखभाल शामिल नहीं होती.

हाइटन मानती हैं कि अगर किसी महिला को बड़े स्तनों की वजह से शारीरिक समस्याएं हो रही हैं, तो ब्रेस्ट रिडक्शन को फंक्शनल सर्जरी माना जाना चाहिए, न कि सिर्फ़ कॉस्मेटिक प्रक्रिया.

बीबीसी ने इस मामले में एनएचएस इंग्लैंड से संपर्क किया लेकिन उसने टिप्पणी से इनकार कर दिया.

बीबीसी ने ऐसी कई महिलाओं से बात की जिन्होंने हाल के वर्षों में प्राइवेट अस्पतालों में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराई.

स्टॉकपोर्ट की केटी कहती हैं कि सर्जरी से पहले उनकी पूरी ज़िंदगी उनके स्तनों के आकार के इर्द-गिर्द घूमती थी.

एनएचएस की ओर से मना किए जाने के बाद उन्होंने प्राइवेट सर्जरी कराई. इसमें तीन किलो वजन कम हुआ. यह उनके पहले बच्चे के जन्म के समय के वजन के बराबर था.

नॉरविच की सिंडी कहती हैं कि 16 साल की उम्र में एक डॉक्टर ने उनसे कहा था, "सर्जरी के लिए पैसे बचाना शुरू कर दो क्योंकि एनएचएस मदद नहीं करेगी."

अब वह नियमित जिम जाती हैं और कहती हैं, "अब मेरे स्तन मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के फ़ैसले तय नहीं करते."

36 वर्षीय रियान ने 21 साल की उम्र से हर हफ़्ते 10 पाउंड बचाने शुरू किए थे ताकि 2025 में सर्जरी करा सकें. अब वह हफ़्ते में चार बार वेट ट्रेनिंग और दौड़ लगा पाती हैं.

काउंटी डरहम की सारा ऑटिस्टिक हैं और ख़ुद को नॉन-बाइनरी मानती हैं.

नॉन-बाइनरी उन लोगों को कहा जाता है जो ख़ुद को केवल पुरुष या केवल महिला की पारंपरिक पहचान के तौर पर नहीं देखते.

बड़े स्तनों की वजह से उन्हें भावनात्मक परेशानी होती थी. उन्हें लगता था जैसे उनका शरीर "सार्वजनिक संपत्ति" बन गया हो.

उर्म्सटन की मिशेल को याद है कि उनके 28वें जन्मदिन पर किसी ने छेड़खानी की थी.

वह कहती हैं, "उस घटना के बाद मैं काफ़ी समय तक बाहर नहीं निकली. ब्रेस्ट रिडक्शन कभी भी सुंदर दिखने के लिए नहीं था. यह ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए था.''

हाइटन कहती हैं कि नेशनल हेल्थ सर्विस में सर्जरी हासिल करना मुश्किल होने और निजी इलाज महंगा होने की वजह से अब कई महिलाएं सस्ती सर्जरी के लिए विदेश जा रही हैं.

'ये अपने शरीर पर दोबारा अधिकार हासिल करने जैसा'

एलेक्स (असली नाम नहीं) ने पिछले साल लंदन में अपनी सर्जरी पर 16,500 पाउंड खर्च किए. इस ऑपरेशन में उनके स्तनों से 4.2 किलो वजन हटाया गया.

उनका मानना है कि उनकी सर्जरी इतनी महंगी इसलिए थी क्योंकि उनके स्तनों का आकार के कप था. उनके सर्जन को "स्तनों का माइकलएंजेलो" कहा जाता है.

एलेक्स फेसबुक के एक ऐसे ग्रुप में सक्रिय थीं जिसमें हज़ारों महिलाएं यूरोप जाकर सर्जरी कराने पर चर्चा करती थीं. उन्होंने खुद भी विदेश जाने के बारे में सोचा था.

उन्हें लिथुआनिया में लगभग 4,000 पाउंड में सर्जरी कराने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्हें डर था कि अगर वापसी की फ़्लाइट में कोई मेडिकल समस्या हो गई तो क्या होगा.

एलेक्स कहती हैं कि वह ऐसी कई महिलाओं को जानती हैं जो यह सर्जरी करवाना चाहती हैं लेकिन प्राइवेट अस्पताल में इलाज का खर्च नहीं उठा सकतीं.

वह कहती हैं, "लोगों को समझाना बहुत मुश्किल होता है कि ब्रेस्ट रिडक्शन ज़रूरी क्यों है. यह सिर्फ़ सुंदर दिखने की बात नहीं है. अगर आपके टखने या हाथ में बहुत दर्द हो और उससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो तो उसका इलाज ज़रूरी होता है."

रनविया कहती हैं, "यह सिर्फ़ कॉस्मेटिक ट्रेंड या पहले और बाद की तस्वीरों वाली कहानी नहीं है."

"कई महिलाओं के लिए ब्रेस्ट रिडक्शन का मतलब है आराम, सुरक्षा, आत्मविश्वास और अपने शरीर पर दोबारा अधिकार हासिल करना."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित


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