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गगन नारंग: ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप में पदक जीत बढ़ाया देश का नाम
05-May-2026 12:29 PM
गगन नारंग: ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप में पदक जीत बढ़ाया देश का नाम

नई दिल्ली, 5 मई । भारत में निशानेबाजी के क्षेत्र में गगन नारंग का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। नारंग ने ओलंपिक में पदक जीतकर वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। गगन नारंग का जन्म 6 मई 1983 को चेन्नई, तमिलनाडु में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। गगन का परिवार हरियाणा के पानीपत जिले के शिमला गुजरां गांव से है। नारंग के पिता भीमसेन नारंग को नौकरी की वजह से हैदराबाद में रहना पड़ा, जहां उनका पालन-पोषण हुआ। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) की पढ़ाई करने वाले नारंग ने 1997 में निशानेबाजी शुरू की थी। इसी साल उनके पिता ने उन्हें एयर पिस्टल भेंट की थी। नारंग के करियर पर गौर करें तो उन्होंने 26 अक्टूबर 2003 को हैदराबाद में एफ्रो एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद विश्व कप 2006 में एयर राइफल स्वर्ण पदक जीता। नारंग ने 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में 4 स्वर्ण पदक जीता था।

2008 में चीन में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, नारंग 2008 आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई हुए थे। उन्होंने अंतिम राउंड में 103.5 स्कोर किया और कुल स्कोर 703.5 बनाकर यूनिवर्स रिकॉर्ड हासिल किया। 4 नवंबर 2008 को, उन्होंने स्पेन के ग्रेनाडा में 2006 विश्व कप फाइनल में स्थापित ऑस्ट्रिया के थॉमस फार्निक का रिकॉर्ड तोड़ा। नारंग ने नई दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में 4 स्वर्ण पदक जीते थे। गगन ने 2010 एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। लंदन में 2012 में आयोजित ओलंपिक गगन नारंग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। नारंग ने 10-मीटर एयर राइफल इवेंट में 701.1 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता था। ग्लासगो में 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में नारंग ने 50-मीटर राइफल प्रोन और 50-मीटर राइफल 3 पोजिशन में क्रमशः 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीता। गगन नारंग को निशानेबाजी के क्षेत्र में उनके यादगार योगदान के लिए भारत सरकार ने 2011 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके पहले 2010 में उन्हें भारतीय खेल जगत के सबसे बड़े पुरस्कार, खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया था। 29 अगस्त 2011 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा यह पुरस्कार उन्हें प्रदान किया गया था। नारंग को भारतीय ग्रांड प्रिक्स के आयोजकों द्वारा 2012 के भारतीय ग्रांड प्रिक्स में चेकर्ड ध्वज लहराने के लिए आमंत्रित किया गया था। --(आईएएनएस)


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