राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 3 मई । भारतीय वायुसेना ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दो बच्चों की जान बचाई है। इस मिशन में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। दरअसल, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित सिद्धार्थ नगर क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई। यहां दो बच्चे रात के समय एक ऊंची पानी की टंकी के ऊपर फंस गए। बताया गया कि इस दौरान टंकी तक जाने वाली सीढ़ी अचानक क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे बच्चे नीचे उतरने में असमर्थ हो गए। अंधेरा बढ़ने के साथ ही स्थिति और भी गंभीर हो गई, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया, लेकिन ऊंचाई और टूटी हुई सीढ़ी के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था। दरअसल यह सामूहिक पानी की टंकी काफी ऊंचाई पर है। काफी प्रयास के बाद भी बच्चों को यहां से नहीं निकाला जा सका। सीढ़ी टूट जाने के कारण बच्चों को नीचे उतारने में समस्या हो रही थी। ऐसे में राज्य सरकार से संबंधित अधिकारियों ने भारतीय वायु सेना से अनुरोध किया व उनकी मदद मांगी। वायुसेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेंट्रल एयर कमांड के एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर को बचाव अभियान के लिए रवाना किया। रात के समय सीमित दृश्यता और जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद वायु सेना के प्रशिक्षित जवानों ने अत्यंत साहस और कुशलता का परिचय दिया। हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव दल टंकी के ऊपर पहुंचा और विशेष सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों बच्चों को वहां से सुरक्षित निकाला गया। वायुसेना ने इस पूरे अभियान के दौरान बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा। यह सफल बचाव अभियान भारतीय वायु सेना की त्वरित प्रतिक्रिया, पेशेवर दक्षता और मानव जीवन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में भी बिना देर किए राहत पहुंचाना ही भारतीय वायु सेना की कार्यशैली की पहचान है। वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने भारतीय वायु सेना का आभार व्यक्त किया और उनके साहसिक प्रयासों की सराहना की। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय वायु सेना ने कहा, “राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुरोध पर सेंट्रल एयर कमांड का एक एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर तैनात किया गया, जिसने सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर में पानी की टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित बचाया। टंकी की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने के कारण बच्चे रात में फंसे हुए थे। यह बचाव अभियान एक बार फिर भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता और जरूरत के समय त्वरित प्रतिक्रिया के साथ जीवन बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”(आईएएनएस)


