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कोलकाता, 18 फरवरी । एक हफ्ते के भीतर पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में बाघ के हमले में एक और मछुआरे की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। मृतक की पहचान रामपद बर्मन (45) के रूप में हुई है। वह दक्षिण 24 परगना जिले के गोसाबा क्षेत्र के छोटा मोल्लाखली कालिदासपुर गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, रामपद और उसके साथी मंगलवार को जरूरी अनुमति लेकर जंगल में केकड़े पकड़ने गए थे। इसी दौरान घने जंगल में एक बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथ मौजूद अन्य मछुआरों ने हिम्मत दिखाते हुए बाघ को भगाया और रामपद को बचाया।
इसके बाद उसे नाव से गांव लाया गया और तुरंत पास के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। लेकिन, बाद में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सुंदरबन कोस्टल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बुधवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। साउथ 24 परगना (दक्षिण) डिवीजन की डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर निशा गोस्वामी ने कहा, “शुरुआत में जो लोग मारे गए, वे अनुमति लेकर जंगल में गए थे। वे वन विभाग के नियमों का पालन करते हुए केकड़े इकट्ठा कर रहे थे। इसके अलावा, मछुआरों को बार-बार जागरूक किया जाता है कि जंगल में जाते समय वे ज्यादा सावधानी बरतें।” गौरतलब है कि सुंदरबन इलाके में बाघ के हमले की घटनाएं नई नहीं हैं। रोजी-रोटी की तलाश में कई लोग हर दिन घने जंगल में चले जाते हैं। मृतक रामपद बर्मन के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। इससे पहले 8 फरवरी को दक्षिण 24 परगना जिले के पाथरप्रतिमा ब्लॉक में कलास आइलैंड के पास के इलाके में केकड़े पकड़ते समय बाघ के हमले में एक युवक की मौत हो गई थी। बताया गया कि बाघ उसे उसकी पत्नी के सामने ही जंगल के अंदर खींचकर ले गया था। एक दिन बाद उसका शव बरामद हुआ। --(आईएएनएस)


